गंगा में आया सुधार, बढ़ा है प्रवाह
लॉकडाउन के कारण केवल हवा का जहर ही नहीं गंगाजल का भी जहर कम हुआ है। हालांकि अभी गंगा के पानी की सैंपलिंग नहीं हो रही है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि लॉकडाउन का असर गंगा पर भी पड़ा है। बीएचयू के प्रो. बीडी त्रिपाठी का कहना है कि लॉकडाउन के कारण फैक्ट्रियां बंद हैं। इसके कारण गंगा में आने वाले लेड, कैडमियम और क्रोमियम की मात्रा शून्य हो गई है। गंगा के पानी का अतिदोहन भी इस समय बंद है।
इसके कारण गंगा का प्रवाह बढ़ा है और घुलनशील क्षमता बढ़ी है। संभावना है कि गंगा के जल में काफी सुधार आया होगा। घुलनशील आक्सीजन की मात्रा बढ़ने से विलुप्तप्राय होने वाले जीव भी अब तेजी से गंगा में बढ़ रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह का कहना है कि 23 मार्च से ही गंगा के पानी की सैंपलिंग बंद है। इसलिए आंकड़े तो नहीं हैं लेकिन गंगा के पानी में प्रदूषक तत्वों का जाना कम हुआ है।
गंगाजल के कोराना वायरस पर प्रभाव का हो शोध
प्रो. बीडी त्रिपाठी का कहना है कि गंगाजल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण हैं। गंगा के पानी में पाया जाने वाला वायरस बैक्टीरिया को मारता है तो इसमें वायरस को भी मारने की इसमें क्षमता हो सकती है। इस पर शोध की जरूरत है। वायरोलॉजी के क्षेत्र में शोध करने वाले वैज्ञानिकों को गंगा के पानी का कोरोना वायरस पर असर का परीक्षण करना चाहिए। गंगा बेसिन में रहने वाले लोगों में अभी तक संक्रमण का मामला सामने नहीं आया है। जो नियमित गंगा के पानी का इस्तेमाल करते हैं उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है।