उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव का है। पीडीए के संदर्भ में उन्होंने कहा कि किसी को बांटना नहीं है, बल्कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी साझेदारी होनी चाहिए। शिक्षा और रोजगार में बराबरी की भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि गरीब, चाहे वह किसी भी समुदाय का हो, उसकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सपा का मानना है कि केवल 5 साल में वोट देना ही लोकतंत्र नहीं है, बल्कि सरकार को जनता की सुननी चाहिए, इसीलिए संवाद किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि सपा की सरकार में किसानों को खाद-बीज के लिए लाइन नहीं लगानी पड़ती थी, जबकि आज उन्हें अधिक दाम पर इन्हें खरीदना पड़ रहा है, जो किसानों का अपमान है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर भी चिंता व्यक्त की और भाजपा पर सुबह से शाम तक झूठ बोलने का आरोप लगाया।
विशिष्ट अतिथि चंद्र देवराम यादव करैली ने कहा कि यदि यादव नेता छोटी जातियों जैसे नाई, कहार, कोहार, लोहार, बढ़ई, धोबी, दर्जी का सम्मान करें तो सरकार बनाने में मदद मिलेगी। सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का संचालन कौशल और मनोज राजभर ने किया, जबकि जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने अध्यक्षता की। सगड़ी विधायक डॉक्टर एच एन सिंह पटेल और राम सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विंध्याचल यादव, विधायक दुर्गा प्रसाद यादव (पूर्व मंत्री), दरोगा प्रसाद सरोज (सांसद), संग्राम यादव, अखिलेश यादव, नफीस अहमद, विजय यादव, प्रवीण राय अंबुज, संजय पटेल (पूर्व प्रमुख), असद इदरीश आदि उपस्थित रहे।