देश में वर्तमान राजनीतिक हालात काफी चिंताजनक है। नेता स्थानीय हों या राष्ट्रीय, सबकी जुबान पर बेतुके बोल हैं। भाषा अमर्यादित है, जो चिंताजनक है।
सर्वाधिक चिंता इस बात की है कि आज के युवा इस तरह के परिवेश में किस तरह अपने को तैयार करेंगे। उनका भविष्य क्या होगा। यह कहना है रोहनिया स्थित डीह गंजारी के वयोवृद्ध स्वतंत्रता सेनानी पंडित सीताराम शास्त्री का।
उन्होंने कहा कि अब सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए युवाओं को ही आगे आना होगा।
डीह गंजारी निवासी जगतपुर इंटर कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक और सेनानी सीताराम शास्त्री (97) ने कहा कि समाज में यदि नेताओं द्वारा बेतुके बोल पर लगाम लग जाए तो राजनीति का स्तर काफी ऊंचा हो जाएगा।
कहा कि आज समाज में दिन प्रतिदिन नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है। जिससे आतंकवाद, भ्रष्टाचार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
सरकार अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति दिखाए और कड़े कानून बनाए तो काफी हद तक देश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाया जा सकता है। कहा कि आज बेवजह देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
तमाम मौकों पर देखा जा रहा है कि नेता संयम नहीं बरत रहे हैं। चिंता जताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार, दहेज, नशाखेरी, आतंकवाद को रोका जा सकता है। बस लोगों में इच्छाशक्ति जगाना होगा।
जोर दिया कि महिलाओं को शिक्षित और संस्कारवान बनाने में हम सभी को मदद करनी चाहिए ताकि समाज में समानता का भाव पैदा हो सके।