भाईलाल के घर सोमवार को लोगों की भीड़ लगी रही। सब पूछते रहे कि क्या हुआ था? भाईलाल बता रहे थे कि खौफ के ढाई घंटे कभी नहीं भूलेंगे। बहू व पोती की जान खतरे में थी। बदमाश चाकू के साथ घर में थे। पोती के गले से चाकू सटाकर रखा गया था। रविवार की पूरी रात नींद नहीं आई। घटना को याद करके दिल दहल जाता था। पूरा परिवार पुलिस का आभारी है। पुलिस ने संयम के साथ परिवार की रक्षा की है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी विश्वजीत ने बताया कि वह जल्द रुपये कमाकर अमीर बनना चाहता था। दस लाख की फिरौती की रकम लेने के बाद शहर छोड़ने वाला था। दूसरे शहर जाकर व्यापार करने का इरादा था। मनीष पासवान उर्फ प्रिंस के आपराधिक इतिहास के बारे में बिहार पुलिस की मदद से जानकारी जुटाई जा रही है। मनीष ने बताया कि लालच देकर विश्वजीत साथ ले गया था।
एनटीपीसी से रिटायर्ड भाईलाल के भाई बच्चा लाल भी वीडीए कॉलोनी स्थित घर पहुंचे। वह अयोध्या जिला आबकारी कार्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि दुस्साहसिक घटना से सब डरे हैं। बदमाशों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
कॉलोनी की महिलाओं रेखा निगम, सुदामा, गौतमी और रमा आनंद ने कहा कि शिक्षिका सोनी ने हिम्मत दिखाई। अमूमन महिलाएं डर और सहम जाती हैं, लेकिन बेटी की रक्षा के लिए मां ने अपनी जान दांव पर लगा दी। मासूम को खरोंच तक नहीं आने दी।