मृत बच्चों के माता-पिता से बयान लेने के बाद मौका-मुआयना किया। उसके बाद कब्रिस्तान मे पहुंच कर दोनों बच्चों के शव बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के पूछताछ में मृत बच्चों की मां नफीता ने बताया कि दोपहर मे दरवाजा बंद कर कमरे मे बच्चों के साथ खेल रही थी।
उसी दौरान दोनों बच्चों को कमरे में रखे बड़े बाक्से में लेटा कर उसी में वह खुद बैठ गई। बॉक्स का दरवाजा बंद करते समय उसकी कुंडी बंद हो गई। उसके बाद उसे कुछ पता नहीं चला। मोहल्ले वाले शव के पंचनामा का जोर देते रहे लेकिन अधिकारी पोस्टमार्टम से कम पर राजी नहीं हुए।
कब्र से बच्चों का शव निकाले जाने पर उपस्थित लोगों की रूह कांप गई। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ संजय कुमार ने कहा कि दोनों बच्चों का शव कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पीएम रिपोर्ट में तय होगा कि बच्चों की मौत दम घुटने से हुई या मामला कुछ और है।
ससुराल रहता था मल्लू का परिवार :
कालीन कंपनी में मजदूरी करने वाले मल्लू अंसारी का घर गोपीगंज के गांधी गांव में है। वह खमरिया अपने ससुराल में रहता था। मल्लू को वही दोनों बच्चों ही थे। उसकी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं।
पुलिस की सुस्ती से दफन हुए शव :
औराई कोतवाली क्षेत्र के खमरिया में दो बच्चों का शव मिलने के बाद औराई पुलिस सुस्त दिखी। मामला संज्ञान में आने के बाद भी बच्चों के शव को कब्जे में नहीं लिया गया। जिसका फायदा उठा कर मोहल्ले के लोगों ने शव को कब्रिस्तान में दफन कर दिया। आला अधिकारियों तक मामला पहुंचने पर सख्ती हुई तो कब्रिस्तान से शव निकाला गया। बृहस्पतिवार की रात में पुलिस अगर सक्रिय हो जाती तो शव दफन नहीं होता।