वाराणसी में एक बच्चे को लेकर उसकी नानी ऑटो से जा रही थी। इस दौरान बच्चे को ऑटो में बैठाकर नानी फल खरीदने ली। चालक वाहन लेकर आगे बढ़ गया। इस पर बच्चे को लेकर भागने की सूचना पर पुलिस ने पीछा किया। उधर, बच्चे को लेकर चालक कैंट स्टेशन पर खड़ा था।
मोहनसराय में एक महिला अपने नाती को ऑटो में छोड़ कर फल खरीदने लगी। बच्चे को ऑटो में मौजूद अन्य महिलाओं का बच्चा समझ कर चालक आगे बढ़ गया। महिला चालक पर बच्चे को लेकर भागने का आरोप लगाने लगी। रोहनिया थाने की पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से ऑटो का पीछा किया तो चालक बच्चे को लेकर कैंट स्टेशन पर खड़ा मिला। पुलिस ने बच्चे को लेकर महिला को सौंपा तो उसने आभार जताया।
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यह है मामला
विमौरी की रहने वाली हीरावती देवी अपने चार वर्षीय नाती आदित्य कुमार को ऑटो से लेकर उसके घर केशरीपुर जा रही थी। मोहनसराय में फल खरीदने के लिए वह ऑटो से उतरी तो आदित्य उसी में ही बैठा रहा। चालक ऑटो लेकर चला गया। हीरावती देवी शोर मचाने लगी और 112 नंबर पर सूचना दी कि हमारे नाती को ऑटो चालक लेकर भाग गया है।
चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने वाहनों की चेकिंग शुरू कराने के साथ ही सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया। सीसी फुटेज से पता लगा कि ऑटो शहर की तरफ गया है। चौकी प्रभारी कैंट स्टेशन पहुंचे तो ऑटो चालक आदित्य को लेकर खड़ा था। उसने बताया कि ऑटो में और भी महिलाएं बैठी थीं। उसने सोचा कि बच्चा उन्हीं का है। मगर, सभी महिलाएं उतर कर चली गईं और बच्चा तब भी ऑटो में ही बैठा रहा तो वह सोच में पड़ गया।
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बच्चे से उसका पता पूछ कर पुलिस को सूचना देने जा रहा था। आदित्य को देख कर नानी हीरावती देवी, मां साधना और पिता जगदीश की आंखों से आंसू निकल पड़े। हीरावती देवी हाथ जोड़कर बार-बार कह रही थी कि साहब आपने हमको कलंक से बचा दिया। वरना हम अपनी बेटी-दामाद को क्या मुंह दिखाते।