पुलिस के अनुसार, आरोपी प्रशांत राय आठ साल पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुआ था। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि प्रशांत घर भी आता जाता था। धर्म और जाति अलग-अलग होने के कारण परिजनों ने थोड़ी नाराजगी जताई थी लेकिन बाद में मान गए थे।
सारनाथ थाने के प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता ने तस्वीर, वीडियो, व्हाट्सएप चैट, बैंकिंग लेनदेन समेत अन्य कई साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। आरोपी सिपाही को थाने परिसर बुलाया गया था जहां से गिरफ्तारी की गई थी।