तीन लाख रुपये के लिए शशांक की हत्या बचपन के दोस्त रोहित पटेल ने की थी। शशांक के पिता ने एक करोड़ की जमीन बेची थी। उस पैसे में से रोहित तीन लाख रुपये की मांग कर रहा था। पैसा नहीं देने पर उसे बाइक से चार किमी दूर ऊंदी गांव के पास ले गया और रस्सी से गला कसकर हत्या कर दी। फिर शव को झाडि़यों में फेंक दिया था।
झाड़ी से शशांक का सैंडल और कंकाल को पुलिस ने गुरुवार को बरामद किया। घटना से आक्रोशित लोगों ने चांदमारी-हरहुआ मार्ग को दो घंटे तक चक्का जाम कर दिया। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक समेत दो दरोगा निलंबित किए गए।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी आरोपी सरसवा निवासी रोहित पटेल है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सरसवा के रहने वाले शशांक के पिता ने एक करोड़ की जमीन बेची थी। अपना घर भी बनवा रहे थे। पैसे के लालच में शशांक का अपहरण कर उसके घर से पैसे लेने की योजना बनाई।
31 मार्च की शाम शशांक को फोन किया, लेकिन वह नहीं आया। उसी दिन शाम को घर से शशांक को अपनी गाड़ी में बैठाकर घर से चार किमी दूर के उंदी गांव के सुनसान खेत में ले गया और वहां बीयर पी। शशांक से अंतिम बार पैसे की मांग की ताे उसने मना कर दिया।
इस बीच गाड़ी में रखी रस्सी से उसका गला कसकर मौत के घाट उतार दिया। खुद को बचाने के लिए शशांक के घर वालों के साथ खेत में भी मौजूद रहा। साथ में एफआईआर लिखवाने थाने भी गया। गिरफ्तार करने वाली टीम में थानाध्यक्ष राजू कुमार, एसएसआई सुनील कुमार यादव रहे।
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