वाराणसी। अपनी मौत से चंद घंटों पहले सिपाही विनोद कुमार सिंह ने पत्नी ममता को फोन कर कहा था कि वह चार मई को एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने घर आएगा। हालांकि नियति ने कुछ और ही निर्धारित कर रहा था। यह कहते हुए विनोद के भाई और परिजन मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखने लगे। पोस्टमार्टम के बाद विनोद का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज थाना के जिगना गांव का रहने वाला विनोद कुमार सिंह वर्ष 2015 में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। फिलहाल वह पुलिस लाइन में तैनात था और सोमवार को पंचायत चुनाव की ड्यूटी में चंदौली गया था। चंदौली से रोडवेज की रिजर्व बस से पुलिस लाइन वापस लौटते समय चौकाघाट के समीप अचानक विनोद की राइफल से गोली चली और उसकी ठुड्डी से सिर को पार करते हुए बस की छत को भेद कर बाहर निकल गई। विनोद के पीछे बैठे पुलिसकर्मियों का कहना था कि वह राइफल पर ही अपनी ठुड्डी टिकाकर सो रहा था और अचानक न जाने कैसे गोली चल गई। उधर, इस संबंध में डीसीपी वरुणा जोन विक्रांत वीर ने बताया कि बस में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों और परिजनों से बातचीत के आधार पर फिलहाल यही समझ में आया है कि असावधानी के कारण हादसे में सिपाही की जान गई है। सिपाही की राइफल को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है।
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मिलनसार विनोद का परिवार है संपन्न, पत्नी और मां हुई बेसुध
बीएचयू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे बड़े भाई सत्यनारायण, छोटे भाई प्रकाश और साले परमानंद ने बताया कि विनोद बेहद मिलनसार स्वभाव का था। स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही विनोद की नौकरी लग गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक है। मकान और जमीन के साथ ही ईंट भट्ठा है, जिसकी देखरेख बड़े भाई करता है। छोटे भाई प्रकाश का चयन यूपी पुलिस में दरोगा के पद पर हो चुका है। उधर, डेढ़ साल के बेटे के पिता विनोद की मौत के बाद उसकी मां इंद्रावती देवी और पत्नी ममता की हालत बेसुधों जैसी थी। दोनों का यही कहना था कि डेढ़ साल के अबोध के सिर से असमय ही पिता का साया उठ गया। घटना को लेकर परिजनों का कहना था कि ड्यूटी के कारण विनोद थक गया था। इसी वजह से नींद आ गई और दुर्भाग्यवश गोली चल गई। परिजनों ने बताया कि विनोद के शव की अंत्येष्टि हरिश्चंद्र घाट पर की जाएगी। परिजन इस बात को लेकर दु:खी दिखे कि पोस्टमार्टम हाउस पर अधिकारी उन्हें ढांढस बंधाने नहीं आए। सभी का कहना था कि अधिकारियों को आकर ढांढस बंधाना चाहिए था।