वाराणसी। भुईली गांव से बोल रहा हूं... हमारे गांव में अभी एक युवक कानपुर से आया है... आकर उसकी जांच करा दीजिए...। ऐढ़े गांव से बोल रहा हूं... हमारे गांव में पांच-छह लोग बाहर से आए हैं... उनकी जांच करा दीजिए। इस तरह के फोन इन दिनों जिले भर से लोग 112 नंबर पर करके पुलिस से सूचनाएं साझा करते रहते हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से ज्यादातर सूचनाएं सही और सटीक रहती हैं और उनके आधार पर बाहर से आए लोगों को चिन्हित कर उनकी जांच वगैरह कराने में सहूलियत मिली है। बीती 25 मार्च को लॉकडाउन घोषित हुआ तो कोरोना वायरस के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए 112 नंबर पर जिले के 537 लोगों ने फोन किया। लॉकडाउन प्रथम के खत्म होने के दिन यानी 14 अप्रैल को कोरोना वायरस से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए 248 फोन 112 नंबर पर आए। हालांकि लोग एक अरसे बाद घरों में इकट्ठा हुए तब भी घरेलू हिंसा के मामलों में कमी नहीं आई और लॉकडाउन में भी रोजाना औसतन 20 से ज्यादा फोन 112 नंबर पर आ रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मार्तंड प्रकाश सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर 112 नंबर पर आए फोन से बाहरी लोगों के संबंध में पुलिस को सटीक जानकारियां मिलीं। कुछ लोग शरारत भी करते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इस समय की संवेदनशीलता को समझ रहे हैं।