वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज विज्ञान के शोध छात्र-छात्राएं लॉकडाउन की स्थितियों पर शोध तैयार करेंगे। छात्र सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों पर शोध करेंगे। यह जानकारी समाज विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश पांडेय ने दी। उन्होंने सोमवार को समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र तथा मनोविज्ञान के शोध छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकों से ऑनलाइन अपील की।
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन समाप्त करने के बाद इस लंबी बंदी के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए अपने-अपने विषय में इस विषय पर शोध पत्र तैयार करें। प्रो. पांडेय ने कहा कि शोध विद्यार्थियों को शोध अवधि में दो शोध पत्र लिखने अनिवार्य है। तीन मई तक घर पर रहें और शोध पत्र तैयार करें। विश्वविद्यालय खुलने के बाद शोध पत्र की एक प्रति जमा करें। गुणवत्ता के आधार पर प्रथम पुरस्कार के रूप में तीन हजार, द्वितीय पुरस्कार के रूप में दो हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में एक हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। बेहतर शोध पत्र को शासन के विचार के लिए भेजा जाएगा।
समाज में बढ़ने वाले विषाद को कैसे दूर किया जाएगा, आदर्श सामाजिक व्यवहार की पुनर्स्थापना करने, सामुदायिकता को बढ़ावा देने, बुजुर्गों के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता, सामाजिक और राष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने उत्प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं का समाधान आदि विषयों पर समाजशास्त्र विभाग के शोध छात्र-छात्राएं शोध पत्र लिखें।
अर्थशास्त्र विभाग के छात्र देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, किसानों, मजदूरों एवं गरीबों की भरपाई कैसे हो सकती है पर शोध पत्र तैयार करें। राजनीति विज्ञान के शोध छात्र राजनीतिक संस्थाओं के व्यवहार संतुलन तथा प्रभावकारी जननीतियों का क्रियान्वयन आदि विषयों शोध करें।
मनोविज्ञान विभाग के शोध छात्र-छात्राएं लॉकडाउन का चित और मनोविज्ञान पर पड़े दुष्प्रभाव तथा उससे बाहर आने के रास्ते पर शोध करेंगे। डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सफाईकर्मी जैसे कोरोना को हराने वाले योद्धाओं की भूमिका तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कारगर नीतियों जैसे विषय पर भी शोध पत्र अपेक्षित है।