मतदाता पहचान-पत्र और आधार कार्ड मो. जावेद पुत्र लौटू निवासी चमराडीह फूलपुर के नाम पर बने थे। इसे लेकर ही वह वाराणसी पासपोर्ट कार्यालय पहुंचा और स्पष्ट अंग्रेजी व हिन्दी न बोल पाने के चलते पकड़ लिया गया। इबादतुल्ला से पूछताछ के आधार पर वाराणसी पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से शनिवार को तीन लोगों इम्तियाज, साहबे आलम और मो. आजम को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सभी को वाराणसी लेती गई थी।
इसके बाद स्थानीय। पुलिस ने फूलपुर और निजामाबाद थाना क्षेत्र से लगभग चार और लोगों को हिरासत में लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। एसपी त्रिवेणी सिंह ने भी हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की। एक टीम को कोलकाता भेजने की बात कही जा रही है। पुलिस मानना है कि अभी जनपद में तीन से चार और अफगानी छिपे हुए हैं। संभवत: उन्होंने ने भी फर्जी डाक्युमेंट तैयार कराए हैं। ऐसे में पुलिस को ये शक गहरा गया है कि क्या इन्का मकसद सिर्फ कुबैत में नौकरी पाने के लिए पासपोर्ट बनवाना ही था या कुछ और। फिलहाल पुलिस कई तथ्यों पर जांच कर रही है।
फर्जी डाक्यूमेंट मामले में दर्ज होगा मुकदमा
एसपी ग्रामीण नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में और भी अफगानियों के छिपे होने की आशंका है। इनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं फर्जी डाक्युमेंट के मामले में फूलपुर कोतवाली में भी मुकदमा दर्ज करने का कार्य किया जा रहा है। इबादतुल्ला समेत गिरफ्तार चारों आरोपियों को रिमांड पर लेकर स्थानीय पुलिस भी पूछताछ करेगी। रिमांड पर लेने की कोशिश शुरू कर दी गई है। जल्द ही पूरे प्रकरण का खुलासा कर दिया जाएगा।