प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लोगों के लिए दोहरी खुशखबरी है। दो महीने बाद यानी अप्रैल, 2017 से पायलट प्रोजेक्ट के पहले चरण में बीएचयू, डीएलडब्ल्यू और शिवपुर क्षेत्र के 500 चुनिंदा घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सप्लाई दने की तैयारी है। अन्य महानगरों की तरह यहां के लोग अप्रैल से ही सीएनजी से चलने वाली गाड़ियों से यात्रा भी कर सकेंगे। गैस अथॉरिटी आफ इंडिया लिमिटेड (गेल) केआधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इसके लिए वाराणसी में दो जगह सीएनजी स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 दिसंबर को डीरेका मैदान से ऊर्जा गंगा नामक परियोजना की शुरुआत की थी।
काशी में पाइप लाइन से घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंचाने के लिए शुरुआत में जगदीशपुर-हल्दिया गैस पाइप लाइन से टैंकरों के जरिए बनारस में गैस की आपूर्ति की जाएगी। ऊर्जा गंगा परियोजना दिसंबर, 2018 में पूरी होनी थी लेकिन अब इसे नौ महीने पहले अर्थात मार्च, 2018 से पूरी तरह शुरू कर दिया जाएगा। फूलपुर (इलाहाबाद) से मेन गैस पाइप लाइन पिंडरा तक बिछाने का काम शुरू हो गया है। सीएनजी स्टेशन बनाने के लिए जमीन की तलाश अंतिम चरण में है। गेल के अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए प्रशासन, अग्निशमन विभाग, सिंचाई, एनएचएआई से अनुमति लेने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
बता दें कि गेल जगदीशपुर से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक 2620 किमी लंबी पाइपलाइन बिछा रहा है। गेल के निदेशक (परियोजना) आशुतोष कर्नाटक ने बताया कि पूर्वी भारत के सात शहरों में वाराणसी में सबसे पहले सीएनजी की आपूर्ति होगी। क्षेत्रीय स्तर पर काम देख रहे गेल के उपप्रबंधक गौरी शंकर मिश्रा का कहना है कि गैस पाइप लाइन का काम तेज गति से चल रहा है। तय अवधि में काम पूरा कर लिया जाएगा।