प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर 22 फरवरी को काशी आ रहे हैं। उनके इस दौरे से जयापुर में मलाल है।
ग्रामीण चाहते हैं, मोदी जयापुर भी आएं। हालांकि गांव गोद लेने के बाद मोदी ने जयापुर को सौगात तो करोड़ों की दी मगर फिर कभी गांव नहीं आएं।
मुसहर बस्ती अटल नगर की बुजुर्ग महिला सरस्वती देवी और उनके पति मुखई राम कहते हैं, हमारा तो कच्चा मकान था, मोदी जी ने इसे पक्का करा दिया। न केवल मकान दिया बल्कि बच्चों को नौकरी भी उन्हीं की वजह से मिली।
एक बार उनसे मिलकर अपने मन की बात कहने और धन्यवाद देने की इच्छा है। गांव के ही युवा राहुल कहते हैं, पीएम जब भी बनारस आते हैं तो हमें उम्मीद रहती है कि वे जयापुर भी आएंगे मगर गांव गोद लेने के बाद से वे यहां एक बार भी नहीं आएं।
हरिजन बस्ती में रहने वाले मुन्नीलाल हों या विधि के छात्र अभय या फिर किसान बच्चा सिंह पटेल व महेंद्र सिंह, सभी मानते हैं कि मोदी जी की वजह से 15 महीने में गांव की तस्वीर बदल गई।
इतना बदल गया जयापुर
गांव गोद लिए 15 महीने बीत गए। गांव में सब कुछ बदल गया। सड़कें पक्की हो गईं। प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प हो गया। घरों तक नल से पानी पहुंचने लगा।
सौर ऊर्जा से गांव रोशन हो गया। आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र, डाकघर, पुलिस बूथ, बस स्टॉप, बैंक, एटीएम, कौशल प्रशिक्षण केंद्र आदि सहूलियतें मिल गईं लेकिन मोदी जी नहीं मिले, यही नाराजगी की वजह है।