यात्री विश्रामालय से पीएम नरेंद्र मोदी का फोटो उखाड़ने को लेकर भाजपाजनों में गहरी नाराजगी है। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही बुधवार को कपसेठी चौराहे पर यात्री विश्रामालय में लगा पीएम का फोटो एसडीएम राजातालाब त्रिभुवन राम ने हटवाया था। इससे नाराज भाजपा कार्यकर्ता गुरुवार को कपसेठी थाने पहुंचे और एसडीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी।
कपसेठी में बैनर-पोस्टर हटवाने के दौरान एसडीएम की इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध भी किया था। गुरुवार को भाजपा के जिला महामंत्री प्रभात सिंह के नेतृत्व में दर्जनों भाजपा कार्यकर्ता कपसेठी थाने पहुंचे और एसडीएम राजातालाब के खिलाफ कार्रवाई मांग पर तहरीर दी। जिला महामंत्री ने कहा कि अधिकारी सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। इन्हें हटाया नहीं गया तो पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। थाने पर जाने वालों में देवेंद्र सिंह, ज्ञानेश जोशी, रिषु सिंह, रूपेश पांडेय, दीपू सिंह, दीपक सिंह, रिंकू तिवारी, अभिषेक दूबे आदि शामिल रहे। उधर, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि वे इसकी शिकायत चुनाव आयोग से करेेंगे।
क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि कपसेठी में बने विश्रामालय में प्रधानमंत्री का फोटो प्रशासन आचार संहिता के नाम पर फाड़ रहा है, जबकि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोटो लगा राशन कार्ड बंटवा रहा है। प्रशासन इसे भी फाड़े। लैपटॉप, बर्तन सहित कई योजनाओं में मुख्यमंत्री का फोटो लगा है, इन सभी को प्रशासन हटवाए। इससे साफ होता है कि अधिकारी सपा के दबाव में काम कर रहे हैं। इस विश्रामालय पर न तो पार्टी के चुनाव चिह्न कमल का निशान है और न ही भाजपा का नाम लिखा है। निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों की मानें तो पीएम और सीएम का फोटो आचार संहिता के दायरे में आता है। शुक्रवार से अभियान चलाकर सरकारी विज्ञापनों के होर्डिंग आदि हटाए जाएंगे।