प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों की घोषणा के बाद उपजे असंतोष ने अब विद्रोह का रुप ले लिया है। ऐसी स्थित तब है जब दो-दो केंद्रीय मंत्री और कई भाजपा नेता असंतुष्ट नेताओं के साथ कई बार मुलाकात कर चुके हैं।
वहीं आज पार्टी के किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री सुजीत सिंह टीका ने आज पार्टी से विद्रोह का एलान कर दिया। टीका ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वे शहर उत्तरी सीट से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी रवींद्र जायसवाल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
कहा कि वे 15 फरवरी को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। बता दें कि टीका गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाते हैं। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ संगठन मंत्री हृदयनाथ सिंह ने मंगलवार को असंतुष्ट कार्यकर्ताओं को मनाने का प्रयास किया।
उन्होंने कई पुराने नेताओं से बातकर उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बागियों को शांत कराने के लिए उन्होंने उच्च पदाधिकारियों से भी बातचीत की।
उनके पहले यहां राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल के अलावा रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा और मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय असंतुष्टों को समझा चुके हैं। उनके फिर यहां आने की चर्चा है। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश भी नौ फरवरी को यहां आ रहे हैं।