जैविक और रसायनिक विधि से अनाज और फल सब्जी की खेती करने वाले किसान ई नाम मंडी के माध्यम से अपने उत्पाद देश के किसी भी जिले में बेच सकेंगे। इसमें आधुनिक डिस्पले और एक प्रयोगशाला होगी।
लैब में होगी कृषि उत्पादों की जांच
किसानों को अपने किसी कृषि उत्पाद को बेचने के लिए पहले पहड़िया मंडी आना होगा। जहां वो अपने कृषि उत्पादों के वजन और गुणवत्ता की जांच भवन में बने प्रयोगशाला में कराएंगे। इसके आधार पर उत्पाद और किसान की पूरी जानकारी ई नाम पोर्टल पर सूचीबद्ध की जाएगी। फिर देश की सभी ई नाम मंडियों में उत्पाद का ऑनलाइन प्रदर्शन किया जाएगा। जिस किसी व्यापारी को जो भी उत्पाद और भाव सही लगेगा वो उसे खरीदने के लिए किसान से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
मंडी के सचिव डीके वर्मा ने बताया कि अभी तक मंडी में अनाज बेचने के लिए कोई सुविधा नहीं थी। जो स्थान चिह्नित था वहां वर्तमान में छावनी है। ई नाम के शुरू होने से पूर्वांचल के उन किसानों को भी लाभ मिलेगा जो अपने जैविक उत्पाद बेचने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। ऐसे किसानों को मंडी में प्रवेश करते ई नाम के तहत सभी प्रक्रिया पूरी कर देश भर की मंडियों में प्रदर्शित कर दिया जाएगा।