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वाराणसी आ रहे पीएम मोदी: काशी के 45 हजार किसान रैली में होंगे शामिल, प्रधानमंत्री देंगे 'ई-नाम मंडी' की सौगात

Fri, 22 Oct 2021 01:51 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीपावली से पहले 25 अक्तूबर को काशीवासियों को पांच हजार दो सौ करोड़ रुपये की 30 परियोजनाओं की सौगात देंगे। रिंग रोड किनारे रैली को संबोधित करेंगे। 
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पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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किसानों के मुद्दे पर मुखर विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब देने लिए भाजपा ने 25 अक्तूबर को वाराणसी में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में 45 हजार किसानों को शामिल कराने का लक्ष्य रखा है। इसमें 30 हजार किसान वाराणसी जिले और 15 हजार किसान महानगर से जनसभा स्थल में पहुंचेंगे। इसके लिए पार्टी पदाधिकारियों के साथ किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को भी लगाया गया है। किसान मोर्चा के क्षेत्रीय महामंत्री जयनाथ मिश्र ने बताया कि घर-घर जाकर किसानों को निमंत्रण दिया जा रहा है।

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कृषि उत्पादों की ऑनलाइन ट्रेडिंग के लिए पहड़िया मंडी के राष्ट्रीय एकीकृत बाजार (ई-नाम) की इमारत बनकर तैयार हो गई है। इसका उद्घाटन 25 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इससे पहले ई नाम में भवन का मुख्यमंत्री निरीक्षण भी कर सकते हैं।
पढ़ेंः पीएम मोदी का काशी दौरा: बाबतपुर से रिंग रोड तक रहेगा उत्सव का माहौल, कल पहुंचेंगे सीएम योगी
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बृहस्पतिवार को इमारत में दरवाजे और खिड़की लगाने के साथ रंगाई  सहित कई निर्माण कार्य किए जा रहे थे। मंडी परिषद के निदेशक निर्माण वीके राय ने बताया कि निर्माण का कार्य 23 अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए ठेकदारों को चेताया गया है। चार करोड़ 95 लाख रुपये की लागत से दो मंजिला इमारत के निर्माण कार्य जनवरी 2020 से चल रहा है। 

किसान ऑनलाइन बेच सकेंगे अनाज

ई-नाम मंडी का भवन - फोटो : अमर उजाला
जैविक और रसायनिक विधि से अनाज और फल सब्जी की खेती करने वाले किसान ई नाम मंडी के माध्यम से अपने उत्पाद देश के किसी भी जिले में बेच सकेंगे। इसमें आधुनिक डिस्पले और एक प्रयोगशाला होगी। 
लैब में होगी कृषि उत्पादों की जांच
किसानों को अपने किसी कृषि उत्पाद को बेचने के लिए पहले पहड़िया मंडी आना होगा। जहां वो अपने कृषि उत्पादों के वजन और गुणवत्ता की जांच भवन में बने प्रयोगशाला में कराएंगे। इसके आधार पर उत्पाद और किसान की पूरी जानकारी ई नाम पोर्टल पर सूचीबद्ध की जाएगी। फिर देश की सभी ई नाम मंडियों में उत्पाद का ऑनलाइन प्रदर्शन किया जाएगा। जिस किसी व्यापारी को जो भी उत्पाद और भाव सही लगेगा वो उसे खरीदने के लिए किसान से सीधे संपर्क कर सकेंगे।

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जैविक उत्पादों के लिए मिलेगा नया विकल्प

मंडी के सचिव डीके वर्मा ने बताया कि अभी तक मंडी में अनाज बेचने के लिए कोई सुविधा नहीं थी। जो स्थान चिह्नित था वहां वर्तमान में छावनी है। ई नाम के शुरू होने से पूर्वांचल के उन किसानों को भी लाभ मिलेगा जो अपने जैविक उत्पाद बेचने के लिए इधर-उधर भटकते हैं। ऐसे किसानों को मंडी में प्रवेश करते ई नाम के तहत सभी प्रक्रिया पूरी कर देश भर की मंडियों में प्रदर्शित कर दिया जाएगा।
 
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