बनारस के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन मंगलवार को बीएचयू में ऐतिहासिक जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी की जनता का दिल जीत लिया। भाषण की शरुआत उन्होंने खांटी बनारसी अंदाज में की।
भोजपुरी लहजे में कहा- 'आप लोगन के प्रणाम बा, हमरे काशी के लोगन हमें एतना प्यार देहलन सच में मन गदगद हो गइल। आप लोगन बेटा हई, समय निकाल के काशी आवे का मन करैला।' पीएम मोदी इतना कहकर बात खत्म ही कर पाते कि सभा में मौजूद लोगों ने हर-हर महादेव और मोदी-मोदी के नारे से आकाश को गुंजायमान कर दिया।
पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र की 14वें दौरे पर जनता को 557.40 करोड़ रुपये को सौगात दी। पीएम ने कहा कि पूर्वी भारत के गेटवे के तौर पर वाराणसी का विकास किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की कई योजनाएं गिनाते हुए पीएम मोदी ने वाराणसी में सड़क, रेल, गैस, एलईडी, वायुसेवा के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि विकास के ये कार्य वाराणसी शहर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों से भी जुड़े हैं। यहां हजारों करोड़ की अनेक सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। मंडुवाडीह फ्लाइओवर का काम पूरा हो चुका है। गंगा नदी पर सामने घाट पुल के पूरा होने से, रामनगर आना-जाना और आसान हुआ है।
बिहार, नेपाल, झारखंड, मध्य प्रदेश जाने वाली सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है। नेशनल हाइवे सात के जरिये वाराणसी से सुल्तानपुर, गोरखपुर, हंडिया सड़क संपर्क मार्ग के लिए 1000 करोड़ रुपये तय किए गए। उन्होंने कहा कि रेल से काशी आने वालों को अब स्टेशन पर ही नई काशी की तस्वीर नजर आती है।
इसके अलावा वाराणसी को छपरा और इलाहाबाद से जोड़ने के ट्रैक की डबलिंग का काम चल रहा है। वाराणसी से नई दिल्ली, बड़ौदा और पटना जाने के लिए महामना जैसी ट्रेनें चलाई गई हैं। बनारस की देश के अन्य शहरों से रेल कनेक्टिविटी पिछले कुछ वर्षों में काफी तेजी से बढ़ी।