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बनारस में 12 नवंबर को मल्टी मॉडल टर्मिनल का शुभारंभ करेंगे पीएम मोदी

Sun, 04 Nov 2018 12:16 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में गंगा की लहरों में मालवाहक जहाज चलेंगे। रामनगर में बने मल्टी मॉडल टर्मिनल को प्रधानमंत्री 12 नवंबर को देश को समर्पित करेंगे। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री नीतिन गड़करी ने ट्वीट कर दी।
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देश के पहले इनलैंड वॉटर हाइवे-वन वाराणसी से हल्दिया (पश्चिम बंगाल) में 365 दिन बड़े मालवाहक जहाज चलेंगे। एक जलपोत कोलकाता से 28 अक्तूबर को चल चुका है। इस जलपोत पर पेप्सिको के 16 कंटेनर लदे हैं।

वाराणसी से हल्दिया के बीच जलमार्ग की दूरी 1390 किलोमीटर है। अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर पीएम मोदी 16 कंटनेरों को लेकर चले मालवाहक जहाज एमवी आरएन टैगोर को टर्मिनल पर रिसीव भी करेंगे।
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बता दें कि, इसी हफ्ते में दो दिन के दौरे पर बनारस आए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि नवंबर में रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल को प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे। साथ ही कहा था कि टर्मिनल के चालू होने से काशी से हल्दिया तक हर माह एक लाख टन की माल की ढुलाई आसानी से होगी। इससे माल भाड़े में कमी आएगी और सामान सस्ते होंगे। यहां से व्यापारी और किसान कोलकाता के रास्ते अपने सामान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेज सकेंगे।
 

 
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खिड़किया घाट से किया था रवाना

मालवाहक जहाज
बता दें कि गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के लिए परीक्षण की शुरुआत के दौरान वाराणसी से दो जलपोत हल्दिया रवाना किए थे। 12 अगस्त 2016 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा खिड़किया घाट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए दो जलपोतों में मारुति कारें और भवन निर्माण की सामग्री रवाना की गई थी। इसी दौरान मल्टी मॉडल टर्मिनल की आधारशिला भी रखी गई थी।

पहली बार कोलकाता से वाराणसी के लिए जलपोत रवाना किया गया है। नेशनल वाटरवेज-1 के रास्ते आ रहे जलपोत पर खानपान का सामान लदा है। रामनगर के राल्हूपुर में लगभग बन चुके मल्टी मॉडल टर्मिनल पर उतारे जाएंगे। वाराणसी से यही जलपोत इफ्को द्वारा निर्मित उर्वरक लेकर लौटेंगे।

जल मार्ग की राह में बाधा बन रही कछुआ सेंक्चुअरी का मामला हाल में ही सुलझा लिया गया है। ट्रायल के दौरान कछुआ सेंक्चुअरी में दो घंटे की समय सीमा के नियम के कारण रामनगर से इसकी शुरुआत नहीं हो सकी थी। 
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