बता दें कि गंगा में वाराणसी से हल्दिया तक जल परिवहन के लिए परीक्षण की शुरुआत के दौरान वाराणसी से दो जलपोत हल्दिया रवाना किए थे। 12 अगस्त 2016 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा खिड़किया घाट से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए गए दो जलपोतों में मारुति कारें और भवन निर्माण की सामग्री रवाना की गई थी। इसी दौरान मल्टी मॉडल टर्मिनल की आधारशिला भी रखी गई थी।
पहली बार कोलकाता से वाराणसी के लिए जलपोत रवाना किया गया है। नेशनल वाटरवेज-1 के रास्ते आ रहे जलपोत पर खानपान का सामान लदा है। रामनगर के राल्हूपुर में लगभग बन चुके मल्टी मॉडल टर्मिनल पर उतारे जाएंगे। वाराणसी से यही जलपोत इफ्को द्वारा निर्मित उर्वरक लेकर लौटेंगे।
जल मार्ग की राह में बाधा बन रही कछुआ सेंक्चुअरी का मामला हाल में ही सुलझा लिया गया है। ट्रायल के दौरान कछुआ सेंक्चुअरी में दो घंटे की समय सीमा के नियम के कारण रामनगर से इसकी शुरुआत नहीं हो सकी थी।