प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को दो दिवसीय दौर पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे हैं। 17 को वो काशी की जनता के साथ जन्मदिन मनाएंगे। अगले दिन उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इन दिनों शहर में रोजाना मुहर्रम के जुलूस निकल रहे हैं। ऐसे में पर्याप्त फोर्स की उपलब्धता पुलिस अधिकारियों के लिए चिंता का विषय है।
अधिकारियों का कहना है कि जिले के अलावा रेंज और जोन से पुलिस बल मांगा जाएगा। साथ ही सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स की अतिरिक्त कंपनियां मंगाई जाएंगी। आमतौर पर पीएम मोदी की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के 10 हजार से ज्यादा जवान तैनात होते हैं।
इसके अलावा कहा जा रहा है कि इस बार भी पीएम मोदी रात में शहर का भ्रमण कर विकास कार्यों का जायजा लेंगे। इस बात को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं। पीएम आगमन के मद्देनजर युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई है।
इधर, पीएम मोदी के आगमन के मद्देनजर स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) के अधिकारी शुक्रवार को वाराणसी आ गए। एसपीजी के अधिकारी बाबतपुर एयरपोर्ट के अलावा पीएम मोदी के ठहरने के स्थान और उनके कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था का खाका जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ खींचेंगे। शुक्रवार की शाम तक यातायात व्यवस्था को भी अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिला है कि प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए बनाए जाने वाले पंडालों में महिलाओं के वेश में आतंकी घुस सकते हैं। इस कारण जनसभा में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर सुरक्षा एजेंसियों की निगाह रहेगी।
एसपीजी, एनएसजी कमांडो, एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड, केंद्रीय खुफिया इकाई, सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के घेरे में रहने वाले पीएम मोदी की जनसभा में महिलाओं के बीच सादे कपड़ों में तेजतर्रार महिला पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। परिचय पत्र के बगैर किसी को सभास्थल में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।