वाराणसी। लीक से हट कर काम कर रहे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों और उनकी ओर से पढ़ाए जा रहे बच्चों से सोमवार को जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीएलडब्ल्यू के गेस्ट हाउस लॉन में संवाद किया। प्रधानमंत्री ने बच्चों संग बच्चों वाले अंदाज तो बड़ा काम कर रहे छात्रों की हौसला अफजाई कर उन्हें बड़प्पन का अहसास कराया।
बच्चों से पीएम मोदी ने कहा, मन लगाकर पढ़ो-लिखो और आगे बढ़ो। आप सभी को देश के निर्माण में भागीदार बनना है। बच्चे भी अपने बीच प्रधानमंत्री को पाकर उत्साहित थे और दिल खोलकर बातें की। जन्मदिन का मौका था तो बच्चों ने उन्हें गीत सुनाए और अपने हाथ से बनाए गए पोस्टर का तोहफा दिया।
नरउर से डीएलडब्ल्यू पहुंचे पीएम मोदी जैसे ही लॉन में पहुंचे तो पहले से मौजूद कूड़ा बीनने वाले 68 बच्चों और उन्हें पढ़ाने वाले विद्यापीठ के 12 छात्रों ने बच्चों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ हैप्पी बर्थ डे मोदी जी से उनका स्वागत किया। हरी घास पर बिछी कालीन पर बच्चों के बीच पीएम मोदी पेड़ के चबूतरे पर बैठ गए और बच्चों को पास बुलाकर बातचीत शुरू कर दी।
उन्होंने बच्चों से नाम, क्या करते हो, माता पिता क्या करते हैं का सवाल किया। बच्चों से बोले, जीवन में सबसे आवश्यक होता है ज्ञान, जो आप किताबों से लेते हैं। उसके बाद प्रतिभा हमें आगे ले जाती है। आप सबको पढ़ लिखकर आगे बढ़ना है।
इसी दौरान पीएम बोले, घास और पेड़ों का महत्व जानते हो? बच्चों के हां कहने पर बोले, प्रकृति हमें बहुत कुछ देती है। जीवन जीने के लिए सांसें भी यहीं से मिलती हैं और भोजन भी। प्रकृति का महत्व समझाने के बाद प्रधानमंत्री ने बच्चों से कहा कि स्वच्छता हमारी दिनचर्या में होनी चाहिए। इसके लिए प्रकृति को समृद्ध किया जाए।
चिढ़ियां, कोयल और पशु पक्षियों का महत्व समझना होगा। योग से जीवन को निरोग बनाने का संदेश दिया। बच्चों से हाथ उठवाकर क्रियाएं भी कराईं। अंत में पीएम ने पूछा आप पढ़ोगे न, पढ़ाई तो नहीं छोड़ोगे, बच्चों के हां कहने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए इस पर प्रसन्नता जताई।
इससे पहले हेलीकाप्टर से डीरेका खेल मैदान के हेलीपैड पर पहुंचे प्रधानमंत्री का स्वागत डीरेका की महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने गुलाब का फूल भेंट कर किया। डीरेका केंद्रीय चिकित्सालय व परिसर में प्राथमिक सहायता के लिए सेंट जांस एंबुलेंस ब्रिगेड के सदस्य मौजूद रहे।