प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हस्तकला संकुल में क्राफ्ट गैलरी में काशी के कला-शिल्प से रूबरू होने के बाद अपने विदेशी मेहमान के साथ कार्पेट गैलरी में पहुंचे।कुछ कदम आगे निकलने के बाद अचानक ठिठक गए। दाहिनी तरफ की गैलरी में थ्रीडी डिस्प्ले की तरफ लौटे।
यहां दीवारों पर गंगा घाटों की भव्यता और वहां की अलमस्त जीवनशैली का सजीव चित्रण करतीं थ्रीडी इमेज प्रदर्शित की जा रही थीं। कुछ देर निहारा। फिर साथ मौजूद फ्रांसीसी राष्ट्राध्यक्ष इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों को इन्हें दिखाते हुए फख्र के साथ कहा ‘....ये है असली बनारस’।
इस बेहतरीन थ्रीडी डिस्प्ले को देखकर पीएम मोदी के साथ उनके विदेशी मेहमान भी अभिभूत नजर आए। अस्सी से दशाश्वमेध तक गंगा दर्शन से पहले घाटों का ये सजीव नजारा उनके लिए ‘प्रोमो’ की तरह था।
पीएम ने फ्रांस के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को काशी की महत्ता और घाटों की भव्यता बताई। इमैनुअल मैक्रों और उनकी पत्नी छह से आठ मिनट तक घाटों को निहारते रहे और उनकी खूबसूरती की तारीफ करते रहे।
दरअसल, संकुल में घाटों का थ्रीडी डिस्प्ले तैयार करने के लिए पहले घाटों की हजारों तस्वीरें खींची गईं और उनमें जो सर्वोत्तम थीं उन्हें टुकड़ों-टुकड़ों में विकसित किया गया। यहां थ्रीडी डिस्प्ले में गंगा घाट बिल्कुल सजीव लगते हैं। पीएम ने अधिकारियों को भी इसके लिए सराहा।
मैक्रों बोले काशी और यहां की कला अद्भुत
विजिटर बुक में लिखते मैक्रों
- फोटो : अमर उजाला
इमैनुएल मैक्रों ने हस्तकला संकुल की विजिटर बुक में सबसे पहले 12 मार्च की तारीख दर्ज की, फिर फ्रेंच में अपनी भावनाओं को उकेरा। उन्होंने यहां की हस्तशिल्प, बुनकरी, कला को अद्भुत बताया।
लिखा, ‘मुझे बहुत अच्छा लगा। पीएम मोदी ने बहुत अच्छी व्यवस्था की है। काशी और यहां की कला और शिल्प अद्भुत है। इनकी अपार संभावनाएं हैं।’ अंत में अंग्रेजी नमस्ते लिखा और अपने हस्ताक्षर किए। सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को बधाई दी।
गौरतलब है कि हस्तकला संकुल में सोमवार से ही विजिटर बुक परंपरा की शुरुआत हुई। इमैनुएल मैक्रों बुक में अपनी भावनाएं लिखने वाले पहले मेहमान हैं।