कोरोना की दूसरी लहर ने पूरे देश में ऐसा कोहराम मचाया कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। जब देश में ऑक्सीजन, अस्पतालों में बेड, अंतिम संस्कार में लकड़ियों की कमी की लोगों का हौसला तोड़ रही थी। इस मुसीबत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जबर्दस्त एक्शन प्लान ने कोरोना की रफ्तार रोकने में सफल हुआ। काशी के सांसद व पीएम मोदी के रोड मैप का ही असर रहा कि हजारों-लाखों पीड़ितों को त्वरित राहत मिली। अब इस रोड मैप को गांव-गांव तक लागू करने का संकल्प मंगलवार को काशी कोविड सेवा समूह ने वर्चुअल बैठक में लिया। समूह का मानना है कि गांव-गांव में फैल रही कोरोना की दूसरी लहर को पीएम के एक्शन प्लान से ही ध्वस्त किया जा सकता है। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पीएम की पहल पर कोरोना संक्रमितों की मदद के लिए ‘काशी कोविड रिस्पांस सेंटर’ बनाया गया, जिसमें 20 फोन लाइन से लगातार लोगों की मदद की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पीएम के एक्शन प्लान का ही नतीजा है कि सीएसआर, पीएम केयर से वेंटिलेटर उपलब्ध कराने के साथ बीएचयू अस्पताल में आटोमेटिक आरएनए मशीन लगाई गईं। इसके चलते कोरोना संक्रमितों की जांच अब 24 घंटे में प्राप्त हो सकती है। राज्य सरकार के सहयोग से शहर के प्रमुख राजकीय अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए गये, जिससे मरीजों की मदद हो सकी। डाक्टर्स एसोसिएशन से वार्ता कर टेली मेडिसीन की शुरुआत की गई। फूड डिलेवर कंपनियों से बात कर डोर टू डोर दवा की सप्लाई की जा रही है। डीआरडीओ की मदद से बीएचयू के एमपी थियेटर मैदान पर अल्प समय में 750 बेड का अस्थाई पं राजन मिश्र कोविड अस्पताल बनाया गया। जिसमें 250 बेड आईसीयू के बनाए गये जो विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कोरोना संक्रमण पर कंट्रोल पाने के इस 'काशी माडल को प्रदेश के अन्य जिलों में अपनाने का आदेश दिया है। बैठक में नीलकंठ तिवारी, रविन्द्र जायसवाल, विधान परिषद सदस्य अशोक धवन व लक्ष्मण आचार्य, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ.अवधेश सिंह, सुरेंद्र नारायण सिंह, महानगर अध्यक्ष विद्यासागर राय, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी मौजूद रहे।