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बार-बार काशी आते रहे हैं पीएम मोदी, जानें क्या-क्या दी हैं सौगातें

Mon, 27 May 2019 04:51 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी पहुंचे पीएम मोदी - फोटो : एएनआई
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पीएम मोदी का काशी से जुड़ाव गहरा हो गया है। अब वह काशी की जनता के बीच आते रहते हैं। 27 मई को यानी कि आज पीएम मोदी बनारस से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद काशी के लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं का आभार जताने आए थे। आपको बता दें कि पीएम मोदी ने काशी से कई योजनाओं की शुरुआत भी की है। साथ ही कोई भी पर्व हो प्रधानमंत्री काशी आना नहीं भूलते हैं। चाहें छठ हो या दिवाली हो। 17 सितंबर को भी उन्होंने अपना 68वां जन्मदिन बच्चों के बीच यहीं मनाया था।

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प्रधानमंत्री जब से पीएम बने हैं और काशी इनका संसदीय क्षेत्र होने के चलते यहां पर काफी विकास भी किया है। संसदीय क्षेत्र होने का फायदा काशी को मिल रहा है। पिछले पांच सालों में पीएम मोदी ने काशी के कायाकल्प का कारण यह है कि प्रधानमंत्री ने 30 हजार करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास ही नहीं किया, शुभारंभ कर अपने वादों-इरादों में अंतर न होने को सच साबित किया।

काशी की आध्यात्मिकता, रचनात्मकता और सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से महसूस कर उसे और समृद्ध करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने वह सब किया, जिसकी काशीवासी कल्पना भी नहीं करते थे।
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इससे पहले प्रधानमंत्री की ही पहल पर शहर और आसपास के जिले के लोगों को बाबतपुर एयरपोर्ट से शहर तक आने के लिए फोरलेन फ्लाईओवर की सुविधा ही नहीं मिली, बल्कि मौजूदा समय में यहां 80 से अधिक फ्लाइट्स शुरू हुई। देश के सभी बड़े शहरों से यहां के लोग सीधे जा सकते हैं। वाराणसी के क्षेत्रीय कार्यालय से पासपोर्ट का कोटा 800 से बढ़ाकर 1200 कर दिया गया है।

किए यह काम :
पीएम मोदी ने विकलांग और शौचालय के वर्षों से प्रचलित नामों को नया नाम प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में ही दिया। डीरेका में एक ही दिन में करीब 10 हजार विकलांगों को उपकरण वितरित करने के मौके पर प्रधानमंत्री ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। इसी तरह शाहंशाहपुर गांव की मुसहर बस्ती में उन्होंने शौचालय की पिट रखते हुए इसे इज्जत घर का नाम दिया था। डीरेका से उन्होंने गैर उपयोगी वस्तुओं को उपयोगी बताते हुए ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया था।

वाराणसी में पीएम मोदी ने 12 नवंबर, 2018 को वाराणसी से कोलकाता तक गंगा में वाणिज्यिक जल परिवहन की शुरूआत की। इसके साथ ही वाराणसी नभ और थल के साथ जल परिवहन से भी जुड़ गया। वहीं, 7 नवंबर, 2014 को अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले सेवापुरी क्षेत्र के गांव जयापुर को सीएसआर के जरिए विकास कार्य कराने के लिए गोद लेकर सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की। इसी क्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दिलाने के लिए 2500 वर्ग मीटर में कॉरिडोर की योजना शुरू कराई। इसे सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार जैसा माना जा रहा है। 

बीएचयू से जुड़े ट्रॉमा सेंटर के अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल में एम्स जैसी सभी सुविधाएं मुहैया कराईं। कैंसर पीड़ितों के इलाज और शोध के लिए महामना के नाम पर कॉप्लेक्स बनवाया। डीरेका की खत्म हो रही पहचान को नई दिशा दी। कर्मचारियों को डीजल इंजन के दौर से निकाल कर इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रानिक इंजन और डुअल मोड के इंजन बनाने में किया जाने लगा है। इन्हीं कामों के बदौलत पीएम मोदी को काशी ने फिर एक बार अपनाया है।
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अब तक जो हुआ :
  • काशी विश्वनाथ मंदिर को आस्था का अलौकिक, अद्भुत, अविस्मरणीय और आधुनिक केंद्र बनाने का काम आठ मार्च, 2019 को पीएम ने शुरू किया। यह 18 महीने में पूरा हो जाएगा। 
  • 300 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड फेज वन का काम पूरा। 2000 करोड़ से दूसरे फेज पर काम चालू। इससे पूर्वांचल के साथ देश भर से काशी तक पहुंच आसान हुई।
  • वाराणसी से गाजीपुर, सुल्तानपुर और आजमगढ़ फोरलेन का काम प्रगति पर है। वाराणसी-इलाहाबाद रेलमार्ग का विद्युतीकरण पूरा हो गया है। दोहरीकरण का काम 2021 तक पूरा होना है।
  • बीएचयू में 700 करोड़ से कैंसर संस्थान और 100 करोड़ से ईएसआई अस्पताल शुरू हो चुका है। 200 करोड़ के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सुविधाएं दो महीने में मिलने की उम्मीद है। 
  • एक हजार करोड़ की ऊर्जा गंगा गैस पाइप लाइन परियोजना के तहत शहर में चार सीएनजी स्टेशन खुले हैं। बीएचयू, डीरेका और शिवपुर के कुछ इलाकों में पीएनजी सप्लाई भी शुरू हो चुकी है।
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