गंगा में जल परिवहन के लिए तैयार देश के पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल को वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को समर्पित किया। इसी के साथ गंगा में वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन शुरू हो गया और दक्षिण एशियाई देशों से काशी जलमार्ग से सीधे जुड़ गया।
टर्मिनल की जेटी पर हलीकॉप्टर से उतरे पीएम ने सर्वप्रथम टर्मिनल का लोकार्पण किया। इसके बाद जल परिवहन की योजनाओं की जानकारी हासिल कीं और इसको विकसित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कोलकाता से रवींद्र नाथ टैगोर जलपोत से आए पेप्सिको के 16 कंटेनर प्राप्त किए। लोकार्पण के इस अवसर के उद्यमी और व्यापारी भी बने। 12 अगस्त, 2016 को इसका शिलान्यास किया गया था। दो साल तीन महीने में इसे तैयार किया गया है।
3:17 बजे प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर नवनिर्मित जेटी पर उतरा। वहां से हैंगर में बने विशेष कक्ष में गए, जहां उन्हें टर्मिनल का मॉडल दिखाया गया। साथ ही देश में जल परिवहन के विकास योजनाओं, इससे होने वाले लाभ, भावी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद मंच पर आईडब्लूएआई के चेयरमैन प्रवीर पांडेय ने उनका स्वागत किया। यहां उन्हें जल मार्ग के विकास पर बनी शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई।
फिर रिमोट दबाकर प्रधानमंत्री ने टर्मिनल का लोकार्पण किया। तत्पश्चात पीएम जेटी पर बने मंच से रिमोट दबाकर मोबाइल हार्बर क्रेन को स्टार्ट किया। क्रेन से जलपोत पर लोड 16 कंटेनर में से एक को उठाकर जेटी पर रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांकेतिक तौर पर हरी झंडी दिखा कर कंटेनर प्राप्त करने का इशारा किया।
इसके बाद वह लगभग चार बजे हेलीकॉप्टर से ही बाबतपुर रवाना हो गए। पीएम मोदी 40 मिनट से ज्यादा देर तक यहां रहे। उनके साथ केंद्र जल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहे।