विश्वस्तरीय सुविधाओं का मिलेगा लाभ
इस विश्वस्तरीय आई केयर सुविधा की स्थापना रु. 110 करोड़ के निवेश से की गई है, इसमें 30 हज़ार सर्जरियां करने की क्षमता है, अस्पताल में 9 ऑपरेशन थिएटर्स के साथ अन्य ज़रूरी सुविधाएं होंगी।
अपने सुगम संचालन को सुनिश्चित करने तथा सबसे गरीब मरीज़ों को आई केयर एवं उपचार उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल क्रॉस-सब्सिडाइज़ेशन मॉडल (75:25) पर काम करेगा, जिसमें भुगतान करने वाले मरीज़ों से आई धनराशि का उपयोग ज़रूरतमंद मरीज़ों के उपचार के लिए किया जाएगा। (हमारे 25 फीसदी लाभार्थी 75 फीसदी लाभार्थियों की निःशुल्क सर्जरियों की लागत का वहन करेंगे)।
डॉ. आरवी रमणी ने कहा कि भारत में नेत्रहीनों की आबादी दुनिया में सबसे अधिक है। इनमें से 80 फीसदी मामलों में अंधेपन को रोका जा सकता है। शंकरा आई हॉस्पिटल में हम सभी को गुणवत्तापूर्ण आई केयर उपलब्ध कराने के लिए समर्पित हैं। हमने 2030 तक देश भर में 5 लाख फ्री सर्जरियां करने का लक्ष्य रखा है।
अस्पताल अनूठे हाइब्रिड मॉडल पर काम करेगा, जिसके तहत न सिर्फ वाराणसी बल्कि उत्तर प्रदेश के आस-पास के गांवों एवं ज़िलों से आए मरीज़ों को भी सब्सिडी के साथ सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इसके लिए संसाधन उन मरीज़ों से जुटाए जाएंगे जो इलाज का खर्च उठा सकते हैं।'