प्रधानमंत्री के प्रयास से ही जल परिवहन को धार देने के उद्देश्य से काशी से चुनार तक क्रूज का संचालन शुरू कराया गया। पहले जहां एक क्रूज हुआ करता था, अब चार क्रूज बनारस में गंगा की लहरों पर तैर रहे हैं। इससे उम्मीद और बढ़ गई है कि जल्द ही राजघाट से कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर, शूलटंकेश्वर मंदिर, चुनार और विंध्याचल तक क्रूज का संचालन रोजाना हो सकेगा।
अब पर्यटकों का ध्यान सड़क मार्ग पर कम और जल मार्ग से यात्रा करने पर अधिक है। बनारस भ्रमण पर आने वाले पर्यटकों की यह चाहत होती है कि गंगा में नौका विहार जरूर करें। - प्रवीण मेहता, प्रवक्ता, वाराणसी टूरिज्म गिल्ड
प्रधानमंत्री के सात घंटे से अधिक देर तक जल यात्रा के बाद निश्चित ही इसका क्रेज बढ़ेगा, यह नए तरीके का अनुभव होगा।, हम अपने पैकेज में भी इसे शामिल करने पर मंथन करेंगे। - अभिषेक सिंह, ट्रेवेल एजेंट
खिड़किया घाट को जल मार्ग की कनेक्टविटी मजबूत करने के उद्देश्य से ही तैयार किया गया है। चंदौली व अन्य शहरों से आने वाले आसानी से गाड़ी यहां खड़ी कर नाव से मंदिर व शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त