प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में ही केंद्रीय योजनाओं की हालत खस्ता है।
युवाओं को आत्मनिर्भरता बनाने और उन्हें बिना गारंटी के आर्थिक मदद (ऋण) देने संबंधी पीएम की मुद्रा योजना की प्रगति वाराणसी लगायत पूरे पूर्वांचल में लक्ष्य से काफी पीछे है।
बुधवार को होटल रेडिसन में बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान सांसद केसी त्यागी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति के सदस्य मुद्रा बैंक योजना की बैंकों द्वारा मुहैया कराई गई प्रगति रिपोर्ट से खुश नहीं दिखे।
उन्होंने बैंकों को दो महीने की मोहलत देते हुए कहा कि मार्च में फिर से समीक्षा होगी। वाराणसी में मुद्रा बैंक के तहत 29 हजार लोगों को ऋण मुहैया कराने का लक्ष्य रखा गया ह
संसदीय टीम ने इस दौरान मनरेगा का उदाहरण भी दिया। सदस्यों ने कहा कि मुद्रा बैंक पीएम की प्राथमिकता वाली योजना है। इसको गंभीरता से लिया जाए।
हालांकि बैठक में हुई चर्चाओं का मीडिया से खुलासा करने से सभी सदस्य बचते रहे। औद्योगिक विकास के लिए बनी संसद की स्थायी समिति बुधवार को तीन दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंची।
समिति वाराणसी समेत पूर्वांचल में विकास की रफ्तार और यहां की हर परिस्थितियों से रूबरू होने के साथ केंद्रीय योजनाओं की हकीकत जानने के बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
सांसद केसी त्यागी की अध्यक्षता वाली 35 संदस्यीय समिति ने पहले दिन बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा की।
सांसद केसी त्यागी ने कहा कि 35 सदस्यीय समिति के वाराणसी आने का मकसद यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जहां कई योजनाओं की घोषणा हुई है।
अभी तक उन योजनाओं पर अमल कितना किया गया, इसका जायजा लिया जाएगा। योजनाओं पर कितना कार्य हुआ इसकी भी रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी।
उन्होंने बैठक में हुई चर्चा को पूरी तरह से गोपनीय बताते हुए उसकी जानकारी सरकार के समक्ष रखने की बात कही।
इसके अलावा समिति वाराणसी, भदोही, मऊ, गाजीपुर समेट पूर्वांचल के बुनकरों व हस्तशिल्पियों के हाल से भी रूबरू हुई।
उनकी समस्या को जानने के साथ ही सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे संसाधनों के बारे में जानकारी की। समिति गुरुवार को भी बनारस में रहेगी। शुक्रवार को वापस जाएगी।
बुनकर, लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमियों के साथ बैठक भी करेगी। बुनकरों ने आवास और बाजार की समस्याएं उनसे साझा कीं।