प्रधानमंत्री आवास योजना अब तक धरातल पर नहीं आ पाई है लेकिन माइक्रो क्रेडिट फाइनेंस कंपनियां घर की चाह रखने वाले लोगों को लुभाने में जुट गई हैं। कंपनियां गरीब लोगों को अपना आशियाना बनाने के लिए रियायती दर पर कर्ज देने के साथ-साथ कर्ज राशि में लाखों रुपये का फायदा होने का आश्वासन भी दे रही हैं। इन दिनों कचहरी के पास शुभम हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कंपनी लिमिटेड की छतरी लगाकर लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सरल गृह लोन के बारे में प्रचार किया जा रहा है। छतरी पर लिखा है अपना घर बनाने, खरीदने का सुनहरा मौका। 2.20 लाख रुपये की बचत दिखाई जा रही है। वास्तव में ऐसा नहीं है।
पीएम आवास योजना की नियम-शर्तें तय होने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में जिस कर्ज के लिए लोगों को 6.50 प्रतिशत ब्याज देना पड़ेगा, फाइनेंस कंपनियों से लोन लेने पर उन्हें 15 से 25 प्रतिशत तक ब्याज देना होगा। यानी यह कर्ज बैंक के मुकाबले तीन से चार गुना महंगा पड़ेगा। बहरहाल, यह संवाददाता योजना की पड़ताल करने के लिए शुभम के सिगरा स्पेंसर्स के सामने स्थित कार्यालय पहुंचा। शुक्रवार दोपहर करीब12 बजे वहां पंकज और शशि नामक दो पुरुष मिले। दोनों ने दावे के साथ कहा, अगर आपके पास दस्तावेज कम होंगे तब भी लोन पास हो जाएगा। यह भी कहा कि फिलहाल आपका सामान्य लोन पास होगा। कर्ज पर कंपनी के वर्तमान नियमों के मुताबिक ब्याज लिया जाएगा।
यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में दी जाने वाली रियायत मिलने पर 2.20 लाख रुपये का लाभ मिल जाएगा। जानकारों की मानें तो लोग 2.20 लाख रुपये की बचत की उम्मीद से ही प्रभावित हो रहे हैं। उधर, बैंकिंग सेक्टर से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मानक और दस्तावेज पूरे होने पर ही बैंक से लोन मिलता है। फाइनेंस कंपनियों के यहां दस्तावेज पूरे नहीं होने पर भी लोन मिल जाता है। ये कंपनियां नॉन बैंकिंग फाइनेंस सेक्टर को आरबीआई से मिली मान्यता का भी फायदा उठाती हैं।