उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ ने कोरोना महामारी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए खेल संघों से 20 मई को पत्र लिखकर आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से जूझ रहे खिलाड़ियों की सूची मांगी थी। वहीं, जिले के कई खेल संघों का आरोप है कि जिला ओलंपिक संघ ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। जबकि पत्र जारी हुए एक सप्ताह का वक्त बीत चुका है। आर्थिक मदद पाने के लिए संघ और खिलाड़ी का भारत सरकार और ओलंपिक संघ से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। मगर विडंबना यह कि जिला ओलंपिक संघ के निष्क्रियता के कारण कई खेल संघों को मान्यता ही नहीं मिली। जिला वॉलीबाल सचिव सर्वेश पांडेय का कहना है कि जिला ओलंपिक संघ को मान्यता के लिए पत्र लिखा मगर जवाब नहीं मिला। ताइक्वांडो संघ के सचिव सत्यवर्धन सिंह का भी आरोप है कि पत्र का जवाब नहीं मिलता। ऐसे में कैसे खिलाड़ियों की सूची भेजी जाए। एथलेटिक्स संघ के सचिव रमेश यादव का कहना है उक्त संबंध में जिला ओलंपिक संघ सचिव की तरफ से कोई सूचना या पत्र ही नहीं मिला। ऐेसे में खिलाड़ियों की सूची कैसे तैयार करें। वहीं, जिला ओलंपिक संघ सचिव शम्स तबरेज शम्पू का कहना है कि जिला संघों को सूचना उनके प्रदेश सचिव या अध्यक्ष देंगे। उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के महासचिव आनंदेश्वर पांडेय ने बताया पत्र के माध्यम से राज्य खेल संघ के सचिव और अध्यक्ष से अपील की है कि संघ आर्थिक तंगी से जूझ रहे खिलाड़ियों सूची भेजे जिनकी आर्थिक मदद की जा सके। मगर सात दिन बीतने के बाद भी जवाब नहीं आया।