कैंट रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाने की कवायद का यात्री सुविधाओं पर भले ही असर न पड़ रहा हो लेकिन मंगलवार को यहां यात्रियों को ‘वैश्विक नजारे’ जरूर देखने को मिल गए। मंगलवार को कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर स्पेन की मशहूर बुल रेस जैसे हालात नजर आए। वहीं इस रेस में खतरों के खिलाड़ी बने मासूम यात्री। दोपहर डेढ़ बजे के करीब भीड़ से भरे प्लेटफार्म पर आठ सांड़ों ने छुट्टा दौड़ लगानी शुरू कर दी। इससे प्लेटफार्म पर अफरातफरी मच गई और छह यात्री घायल हो गए।
मंगलवार की दोपहर लगभग डेढ़ बजे प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान जीआरपी थाने की तरफ से लगभग आठ सांड़ों ने दौड़ लगानी शुरू कर दी। अचानक सभी सांड़ गलियारे में घुस गए और प्लेटफार्म पर मौजूद फूड प्लाजा के सामने से होते हुए आरओ प्लांट की ओर बढ़े। इस दौरान लोग सांड़ों से बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पशुओं के मंडुवाडीह की तरफ चले जाने के बाद हालात सामान्य हो रहे थे कि एक बार फिर सांड़ों का झुंड प्लेटफार्म पर लौट आया और पूरे प्लेटफार्म पर दौड़ लगाकर फिर मंडुवाडीह की तरफ चला गया। सांड़ों से बचने के लिए यात्रियों में भगदड़ मच गई और लगभग छह लोग घायल हो गए। स्टेशन प्रबंधन अक्सर जानवरों को पकड़ने संबंधी अभियान व काऊ कैचर आदि लगवाने के दावे करता रहा है लेकिन मंगलवार को बुल रेस के बाद सारी हकीकत सामने आ गई। सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले पशु पकड़ने वाले कर्मचारियों की तैनाती का प्रस्ताव रखा गया था जिसे रेलवे प्रशासन ने जरूरत न होने की बात कह कर खारिज कर दिया था।