दरअसल, पिछले साल जुलाई माह में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने वाराणसी के हरहुआ विकास खंड के अंतर्गत हरहुआ ग्राम सभा में 1.5 हेक्टेयर भूमि पर 3000 पौधे लगाकर वाराणसी जिले में पौधारोपण अभियान की शुरुआत की थी। उसी दिन वाराणसी जिले में चिन्हित 810 स्थलों पर 27 विभागों द्वारा 14 लाख पौधे रोपित किए गए थे। हरहुआ में पौधारोपण के बाद पर्यटन मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को पौधों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन, हरहुआ में पौधारोपण करने के बाद वन विभाग के अधिकारी इसे भूल गए। स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों की सुधि लेने वाला कोई नहीं है। 3000 पौधों को बकरियां चर गईं हैं। लगाए पौधों में से केवल दो या तीन पौधों में ही पत्तियां बची हैं, बाकी पौधों का केवल तना ही बचा है।
इस संबंध में हरहुआ ग्राम प्रधान अनवर हासमी ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन पौधों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। गांव में ज्यादातर लोग बकरियां पाले हैं और घेरेबंदी नहीं होने के कारण लगाए गए पौधों को बकरियां चर गई हैं।
पौधे लगाने के बाद देखभाल के लिए एक चौकीदार रखा गया है। अगर ऐसी स्थिति है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
सजय कुमार, आरएफओ वाराणसी