केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार की देश शाम बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। बाबा के दरबार में वो करीब 15 मिनट तक रहे। रेल मंत्री ने वैदिक रीति रिवाज से पूजा-पाठ किया और आशीर्वाद लिया। इस दौरान मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे, लेकिन दोनों के बीच में मुलाकात नहीं हो पाई।
इस दौरान रेल मंत्री ने कहा कि काशी तो कई बार आया, लेकिन आज पहली बार अद्भुत नजारा देखने को मिला। मैं यह आयोजन देखकर धन्य हो गया। उन्होंने कहा कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में सबसे ज्यादा विकास हुए हैं। काशी का विकास पूरे देश को बल देगा। साथ ही कहा कि बनारस का कैंसर अस्पताल पूर्वी भारत की सेवा करने को तैयार है।
वहीं काशी के दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, अहिल्याबाई घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट की सीढ़ियां श्रद्धालुओं से खचाखच भर गईं थीं। दशाश्वमेध घाट पर इंडिया गेट बनाकर अमर जवान ज्योति जलाई गई। शहीदों की याद में मास पर्यंत जलाए गए, आकाशदीपों का समापन 39 जीटीसी के जवानों ने शौर्य धुन बजाकर किया।
वहीं पं. चंद्रमौलि उपाध्याय के आचार्यत्व में गंगा का सविधि पूजन हुआ और फिर 21 ब्राह्मणों और 42 देव कन्याओं ने मिलकर महाआरती की। आरती के दौरान बज रहे डमरू और घंट घड़ियाल से माहौल भक्तिमय हो उठा।