इंडियन एसोसिएशन ऑफ असिस्टिव टेक्नोलॉजिस्ट एंड फिजियोथेरेपिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन काशीकॉन का शुभारंभ शनिवार को हुआ। देश के विभिन्न जगहों से आए विशेषज्ञों ने वर्तमान समय में फिजियोथेरेपी और बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं पर बातचीत की। इसमें फिजियोथेरेपी को बढ़ावा देने के लिए शोध और तकनीक का सहारा लेने की बात विशेषज्ञों ने कही।
बीएचयू केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित सम्मेलन में उत्तर प्रदेश राज्य एलाइड एंड हेल्थकेयर काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. कमल पंत ने एलायड हेल्थ प्रोफेशनल्स के सशक्तीकरण, शिक्षा, कौशल विकास और नियमन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। कहा कि शोध, तकनीक, नवाचार का सहारा लेकर इस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सहायता तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आधुनिक पुनर्वास, रोबोटिक थैरेपी आदि पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने बुजुर्गों की सेहत, न्यूरो-रीहैबिलिटेशन, और तकनीकी नवाचारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और भविष्य की दिशा प्रस्तुत की। बांबे हॉस्पिटल मुंबई से डा. निर्मल सूर्या ने न्यूरो रिहेबिलिटेशन पर खुलकर चर्चा की।इस दौरान आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो.एसएन संखवार, डॉ. संतोष पांडेय, डा. व्योग ज्ञानपुरी, डॉ. प्रकाश मेहता आदि मौजूद रहे।