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BHU में PhD एडमिशन : फॉर्म भरने वाले अभ्यर्थियों को मिलेगा इंटरव्यू देने का मौका, अब तक 8000 आवेदन; जानें खास

Thu, 23 Jan 2025 03:43 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार आरईटी और एंग्जंप्टेड दोनों मोड में प्रवेश लिया जा रहा है।
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BHU - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू में 2024-25 के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में बुधवार को बड़ा बदलाव किया गया। अब आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए कॉल किया जाएगा। फॉर्म भरने वाला हर योग्य अभ्यर्थी पीएचडी एंट्रेंस के इंटरव्यू में बैठ सकता है।

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नेट पासआउट, जेआरएफ और पीएचडी के लिए क्वालिफाइड तीनों कैटेगिरी के अभ्यर्थियों को इंटरव्यू का मौका मिलेगा। साथ ही इंटरव्यू और नेट परीक्षा के रिजल्ट का स्कोर जुड़कर फाइनल रिजल्ट घोषित किया जाएगा। इंटरव्यू और नेट परीक्षा के स्कोर के अनुपात का वेटेज 30:70 का होगा। 

छात्रों की मांग पर जांच कमेटी की अनुशंसा पर फैसला लिया गया। बुधवार तक बीएचयू में पीएचडी के लिए 8000 आवेदन आ चुके हैं। इससे पहले आवेदन की तिथि 21 जनवरी से चार दिन बढ़ाकर 25 जनवरी कर दी है। करेक्शन 27 और 28 जनवरी को होगा।

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काउंसिल ने किया था पारित
कमेटी की अनुशंसा के आधार पर विश्वविद्यालय प्रवेश समन्वयन बोर्ड (यूएसीबी) ने एक साल में दो बार पीएचडी प्रवेश प्रकिया का फैसला लिया था, इसे सक्षम अधिकारी ने पलट दिया। बीएचयू में एक साल में एक ही बार पीएचडी एडमिशन होगा। ये नियम इसलिए नहीं बदला जा सकता क्योंकि एक साल में एक प्रवेश का नियम बीएचयू की एग्जीक्यूटिव ऑफ काउंसिल ने पारित किया था।

पीएचडी कार्यक्रम में आरईटी और एंग्जंप्टेड दोनों मोड में प्रवेश लिया जा रहा है। एंग्जंप्टेड मोड में सिर्फ जेआरएफ या फिर 9 कैटेगिरी में सीधा प्रवेश लिया जा रहा है। जबकि आरईटी वालों के इंटरव्यू में नेट परीक्षा का भी स्कोर जोड़ा जा रहा था। जबकि अब बीएचयू के परीक्षा नियंता कार्यालय द्वारा फैसला लिया गया है कि आरईटी मोड के तहत एक सीट के लिए सभी योग्य आवेदकों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

छात्रों की मांग पर बनी थी कमेटी
प्रो. एसके दुबे के नेतृत्व में पीएचडी प्रवेश से जुड़े कई विषयों पर समिति गठित की गई थी। समिति की अनुशंसाओं को मंजूर कर विश्वविद्यालय प्रवेश समन्वयन बोर्ड (यूएसीबी) द्वारा अंतिम तिथि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। यूएसीबी नेभी अनुशंसा मंजूर कर ली कि साल में दो बार पीएचडी एडमिशन हो। लेकिन बीएचयू के सक्षम प्राधिकारी ने साल में एक ही बार परीक्षा कराने का निर्णय लिया।
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