मरीज की हालत देख निजी चिकित्सक ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। थक-हारकर वह अनिल को लेकर गांव के प्राथमिक विद्यालय में आ गया। शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई, लेकिन स्वास्थ्य टीम के पहुंचने के पहले ही अनिल की मौत हो गई। स्वास्थ्य टीम ने बिना सैंपल लिए अंतिम संस्कार के लिए शव को परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने गांव के नजदीक धनेजा घाट पर मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। इस बाबत सीएचसी रामनगर के अधीक्षक आलोक सिंह का कहना था कि अनिल लंबे समय से पीलिया से पीड़ित था। आए दिन उसकी तबीयत खराब रहती थी। बीमारी से ही उसकी मौत हो गई। इस कारण उसका सैंपल नहीं लिया गया।