जौनपुर दीवानी न्यायालय में बुधवार को आई एक महिला से छेड़खानी का अलग तरह का मामला प्रकाश में आया। छेड़खानी की तीसरी बार शिकार हुई महिला ने अपना दर्द बयां किया तो वहां मौजूद अधिवक्ता भी सोचने पर मजबूर हो गए कि कानून के पालन में कहीं न कहीं तो कमी रह जा रही है।
महिला ने कहा कि आरोपी राकेश ने 8 माह में तीन बार मेरे घर में घुस कर छेड़खानी की। तीनों बार लाइन बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। वह जेल गया। उसकी जमानत हुई लौट कर उसने फिर छेड़खानी की। ऐसे लोगों का कानून क्या करेगा ?
3 मई 2017 की रात में तीसरी बार उसने मेरे घर में घुसकर बुरी नीयत से छेड़छाड़ की। नींद खुलने पर शोर मचाया तो लोगों ने आकर बचा लिया। आरोपी फरार हो गया, प्राथमिकी दर्ज हुई। महिला उसी मामले में कोर्ट में आई थी।
उसका कहना है कि उसके विरोध व लोगों के तुरंत इकट्ठा हो जाने पर वह अपने मकसद में असफल हो जाता है, पर ऐसे वह कब तक सुरक्षित है। उसने कue कि बार-बार अपराध करने वाले ऐसे अभियुक्तों के लिए कानून और सख्त बने जिससे उनकी जल्दी जमानत न हो और वह जेल से बाहर न आने पाएं।
बताते चलें कि आईपीसी में संशोधन के बाद छेड़खानी की विभिन्न धाराओं में 1 वर्ष से 7 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है लेकिन आरोपियों को सामान्यतया सेशन कोर्ट से दो-चार दिनों में जमानत मिल जाती है।
इस बारे में पुलिस अधीक्षक शैलेश पांडेय ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। प्रकरण की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।