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पुलिस की नासमझी, हुई कैदी सी जिंदगी

Sat, 24 Jan 2015 02:14 AM IST
वाराण्ासी, ब्यूरो
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वाराणसी। यातायात और पुलिसकर्मियों की मनमानी के चलते महमूरगंज पासपोर्ट कार्यालय के सामने की अन्नपूर्णा नगर कालोनी में 200 परिवार कैदी की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। बच्चों को लेने न तो स्कूली वाहन आ सकते हैं और न मरीजों को लेकर लोग कार से बाहर जा सकते हैं।
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कोई बीमार हो जाए तो उसे चार पहिया वाहन से अस्पताल ले जाना दुश्वार हो गया है। पुलिस अफसरों का कहना है कि स्थानीय निवासियों के वाहनों को बेरोकटोक आने-जाने की अनुमति है लेकिन महमूरगंज चौकी के पास तैनात पुलिसकर्मी अपने तरीके से यहां ट्रैफिक संचालित करते हैं।
चार पहिया वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद होने से बेजार कालोनी के निवासी गुस्से में हैं और उनका गुस्सा कभी भी फूट सकता है। अपनी पीड़ा बयां करने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।
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मंडुवाडीह रेलवे ओवरब्रिज बनने से क्षेत्रीय निवासी खुश हैं और काम में सहयोग भी कर रहे हैं। पुल बनाने से पहले रूट डायवर्जन की सटीक कार्ययोजना बनाई ही नहीं गई और चार पहिया वाहनों के लिए रास्ता बंद कर दिया गया। इस कुप्रबंध का सबसे ज्यादा खामियाजा अन्नपूर्णा नगर कालोनी के निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
उनकी जिंदगी तो नारकीय हो गई है। इस कालोनी का एकमात्र रास्ता रथयात्रा-महमूरगंज मार्ग की तरफ है। दूसरी तरफ से कालोनी बंद है। इसी गली में एक नर्सिगिं होम भी है, जहां पूर्वांचल भर के रोगी आते हैं।  ट्रैफिक डायवर्जन की योजना बनाते समय यातायात पुलिस ने इन बातों का ध्यान ही नहीं रखा।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस के आला अधिकारियों से इस बारे में बात की तो उनका कहना है कि कालोनी के लोगों की सहूलियत का पूरा ख्याल रखने का निर्देश दिया गया है। मगर हकीकत इसके उलट है। चौराहे पर होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय पुलिस की ड्यूटी लगाई जाती है।
 रोजाना नए-नए पुलिस वाले तैनात किए जाते हैं जो अपने तरीके से यातायात नियंत्रित करते हैं। सड़क पर बैरियर लगा दिया गया है और चौकी के बगल में पुराने वाहन खड़े करके रास्ता रोक दिया गया है। यूं तो किसी को इस रास्ते से चार पहिया वाहन से आने-जाने ही नहीं दिया जा रहा है
। बहुत कहने-सुनने और अफसरों के आदेश का हवाला देने के बाद मौके पर तैनात पुलिस वाले जाने भी देते हैं तो दूसरी पटरी की ओर घुमा देते हैं। एक तरफ पुलिस कालोनी के लोगों से सख्ती बरत रही वहीं दूसरी तरफ बैरियर पर मौजूद पुलिसकर्मी वीआईपी गाडि़यों को दूर से ही देखकर उसे जाने देते हैं। पुलिस की शह पर कालोनी के रास्ते पर ठेला, खोमचा वालों का कब्जा हो गया है। बुधवार को तो यहां शर्ट भी बिकने लगी थी।
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