प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि वर्ष 2020 में मेडलियन ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से पंजीकृत कंपनी ने नेटवर्क मार्केटिंग के माध्यम से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया। कंपनी पर आरोप है कि उसने 10 से 20 महीने में निवेश की गई राशि दोगुनी करने, सोना देने और विदेश यात्रा जैसे आकर्षक ऑफर देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन जमा कराया। पीड़ितों का कहना है कि शुरुआती दौर में कुछ निवेशकों को भुगतान कर विश्वास कायम किया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। अब न तो लोगों को उनका पैसा वापस मिल रहा है और न ही वादे के मुताबिक सोना या अन्य लाभ दिए जा रहे हैं।
शिकायतकर्ता भगवान सिंह राठौर ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2023 में कंपनी की योजनाओं से जुड़कर स्वयं निवेश किया और कई अन्य लोगों को भी जोड़ा। उनके अनुसार उनकी टीम का करीब 90 लाख रुपये और 300 ग्राम सोना कंपनी के पास बकाया है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कंपनी द्वारा जीएसटी बिल नहीं दिए गए तथा टीडीएस कटौती के बावजूद उसे जमा नहीं किया गया।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने मौके पर पहुंचकर कार्यक्रम की जांच शुरू कराई और कथित रूप से लोगों को संभावित आर्थिक नुकसान होने से पहले ही कार्यक्रम को रुकवा दिया। मौके पर मौजूद लोगों और कंपनी से जुड़े व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की गहन जांच जारी है। शिकायत में लगाए गए आरोपों, कंपनी के दस्तावेजों, निवेश योजनाओं और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और विश्वसनीयता की पूरी जांच कर लें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।