मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम संत कबीर के नाम पर रखने के लिए मंगलवार को हस्ताक्षर अभियान शुरू हो गया। इस रेलवे स्टेशन का नया नाम ‘कबीर धाम’ रखने के लिए अनुयायी देश भर में अभियान चलाएंगे।
यह हस्ताक्षरित ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा जाएगा। कबीरपंथी संत पीएम को यह ज्ञापन तब सौंपेंगे, जब वह काशी आएंगे। पीएम के संसदीय क्षेत्र से सोमवार को मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की नए सिरे से मांग शुरू हो गई।
कबीर चौरा मूलगादी के आचार्य महंत विवेक दास ने हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संत कबीर ने पूरी दुनिया को कर्म और श्रम का संदेश दिया। उनका जन्म तो लहरतारा में हुआ था लेकिन ननिहाल मंडुवाडीह ही है।
आचार्य विवेक दास ने मंडुवाडीह से संत कबीर के रिश्ते पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि नीरू की ससुराल मंडुवाडीह में थी। वह मंडुवाडीह से ही नीमा का गवना कराकर जब आ रहे थे, तभी रास्ते में लहरतारा तालाब में प्यास बुझाते समय उनको बालक के रूप में कबीर मिले थे। जिनका उन्होंने पालन-पोषण किया।
आचार्य महंत ने कहा कि पीएम खुद संत कबीर के जीवन दर्शन को आगे बढ़ाने की बात करते रहे हैं। ऐसे में यह खास मौका है, जब उनके ससंदीय क्षेत्र से कबीर के नाम कुछ करने के लिए आवाज उठी है। बताया कि इसके लिए वह दिल्ली जाकर पीएम से समय लेंगे।
इसके लिए हस्ताक्षर अभियान पंजाब, गुजरात, हरियाणा, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में 21000 लोगों से हस्ताक्षर कराए जाएंगे। दो अक्तूबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कबीर चौरा मूलगादी और स्वकर्म संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान चलाया जाएगा।