कोरोना के खतरे के बीच पौष पूर्णिमा पर सोमवार को काशी में गंगा स्नान के लिए अच्छी खासी संख्या में भीड़ उमड़ी। संत-महात्माओं के साथ ही आम लोगों ने भी हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ पवित्र डुबकी लगाई। इसके बाद पूजन-अर्चन व दान-पुण्य किया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का त्यौहार को लेकर उत्साह कम नहीं दिखा।
स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर सहित अन्य देवालयों में विधिविधान से पूजा-अर्चना की। स्नान-ध्यान के लिए भोर से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी। इस दौरान तटों पर दीप जलाकर कहीं मंगल कामनाएं की गईं तो कहीं अर्घ्य दिया गया। घाटों पर कतारबद्ध गरीबों को दान करने की भी होड़ मची रही।
दिन खुलने के बाद गंगा के दोनों किनारों पर भक्तों की भीड़ देखी गई। तमाम लोग नावों से स्नान के लिए उस पार गए। शीतला घाट, प्रयाग घाट, अहिल्याबाई घाट, मुंशी घाट, हनुमान घाट, तुलसी घाट, मीर घाट, रामघाट, पंचगंगा घाट, प्रह्लाद घाट, गायघाट और राजघाट पर स्नान के लिए अलग-अलग इलाके के श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। महिलाओं ने दीपदान भी किया। तमाम महिलाएं स्नान के बाद समूहों में बैठकर मंगल कामना के गीत भी गा रही थीं।
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