उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे तक आ गई थी, लेकिन नौ बजने के बाद भी कोई चिकित्सक नहीं बैठे है। वहीं, हाल बालरोग ओपीडी का रहा। सिर्फ डॉक्टर अनुराग सिंह, डॉक्टर दीपक गुप्ता, डॉक्टर रितेश सोनी, डॉ एसएन राय बैठे थे। आर्थो के तीन ओपीडी में कोई चिकित्सक नहीं था, आर्थो सर्जन डॉक्टर संतोष चौधरी छुट्टी पर चल रहे हैं।
आर्थो व सर्जन के इंतजार में बाहर कुर्सी पर करीब 25 से 30 मरीज इंतजार कर रहे थे। ओपीडी में समय से सिर्फ छह डॉक्टर मौजूद रहे, अन्य चिकित्सक ओपीडी में नहीं बैठे थे। इसके कारण शुगर वाले मरीज खाली पेट खून जांच कराने व रेबीज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीज भटकते मिले।
नेत्र रोग ओपीडी के दोनों चिकित्सक की ओपीडी खाली रही। बाहर मरीज पर्ची लेकर मंडरा रहे थे। कई मरीज खेजुरी, पचखोरा, सोहांव, लक्ष्मणपुर, बड़ागांव, लालगंज, रानीगंज व कुछ तो गाजीपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी आए थे। सुबह आने वालों में अधिकतर मरीज दूर के रहे। 9.50 के बाद चिकित्सकों का ओपीडी में आना शुरू हो गया। दस बजे के बाद सभी चिकित्सक ओपीडी में बैठ गए।
बोले मरीज
सुबह छह बजे घर से बेहतर इलाज की आस में 40 किमी दूर से समय से इलाज कराने अस्पताल में पहुंच गई। लेकिन चिकित्सक समय से ओपीडी में न बैठने के कारण इंतजार कर रहे हैं। अगर सुबह समय से बैठते तो इलाज व जांच दोनों समय पर होने के बाद दवा लेकर शाम तक घर पहुंच जाती, लेकिन अब कल फिर जांच दिखाने के लिए आना पड़ेगा। - शांति देवी , लालगंज, बैरिया।
पैर में परेशानी होने पर बेहतर इलाज की आस में मऊ सीमा के सटे नगरा से आगे से आया हूं। जिला अस्पताल इलाज के लिए सुबह में घर से निकला। सुबह साढ़े नौ बजने को है, अब तक कोई डॉक्टर नहीं बैठा है। एक घंटा पर्ची कटाने में लगा, आज लग रहा है कि जांच नहीं हो पाएगी। - कमलेश कुमार, नगरा।
ओपीडी में सभी चिकित्सकों को समय से बैठ कर मरीजों के इलाज का निर्देश दिया गया है। इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाती है। वार्डों में भर्ती मरीज व इमरजेंसी के कारण कुछ चिकित्सक ओपीडी में बैठने में लेट हो जाता है। मरीजों को समय से चिकित्सकीय सुविधा मिले इस पर विशेष ध्यान है। चिकित्सकों से विलंब से बैठने के बारे में उनसे जाना जाएगा। - डॉक्टर सुजीत यादव, सीएमएस जिला अस्पताल।