पंडित बिरजू महाराज की शिष्या डॉ. संगीता सिन्हा ने कहा कि गुरु जी जिस आदर और प्रेम में खींचे हुए बनारस आ जाते थे, उसके लिए हमेशा ऋणी रहूंगी। उनकी सीख को लेकर ही अब आगे बढ़ना है। वह शुक्रवार को सनबीम लहरतारा के स्पंदन प्रेक्षागृह में पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज की स्मृति में आयोजित नृत्यांजलि को संबोधित कर रही थीं।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि 2019 के जनवरी माह में पंडित बिरजू महाराज अंतिम बार बनारस आए थे। नटराज संगीत अकादमी की कार्यशाला एवं कथक महोत्सव में शिरकत करने आए थे। सनबीम शिक्षण समूह के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक एवं निदेशिका भारती मधोक ने अपनी यादों को साझा करते हुए कहा कि साल 2019 की लोहड़ी उनके साथ बीती थी, उनकी सहजता उन्हें सबसे अलग बनाती है।
किशन कुमार जालान एवं डॉ. विधि नागर ने भी स्मरण किया। इसके बाद संगीत के प्रशिक्षुओं ने तेरा तुझको अर्पण के भाव से नृत्यांजलि अर्पित की। विवेक मिश्रा ने तबला एवं आनंद किशोर मिश्र ने गायन के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान पंडित भोलानाथ मिश्र, रामगोपाल मोहले, आशीष मिश्र, वसुंधरा शर्मा, शिवम केसरी उपस्थित रहे।