रामनवमी पर ग्रह नक्षत्रों का शुभदायी संयोग बन रहा है। नौ साल के बाद पंचग्रही योग पर्व की शुभता को बढ़ाने के साथ ही मानव जीवन को सुखमय बनाएगा। कर्क राशि में चंद्रमा के स्वगृही होने से रामनवमी का पर्व मंगलकारी होगा।
काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय ने बताया कि रामनवमी 21 अप्रैल को शाम सात बजे तक रहेगी। अश्लेषा नक्षत्र रात 3:15 बजे तक और भगवान राम के जन्म के समय शूल योग रहेगा। साथ ही लग्न में स्वग्रही चंद्रमा, सप्तम भाव में स्वग्रही शनि और दशम भाव में सूर्य, बुध और शुक की युति बनेगी।
इस बार यह संयोग सुबह 11:05 बजे से दोपहर एक बजे तक रहेगा। यह संयोग इस पर्व की शुभता में कई गुना वृद्धि करेगा। इससे पहले ऐसी ग्रहीय स्थिति 2013 में बनी थी। राम नवमी पर यह शुभ संयोग मानव जीवन को अधिक सुखमय बनाएगा। इस बार रामनवमी के दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा।