चिकित्सकों ने सरकार के निर्णय की सराहना की। कहा कि पहलगाम के दोषियों के खिलाफ हम सरकार के साथ खड़े हैं। आईएमए यूपी के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि भारत ने पाकिस्तानी दूतावास को बंद किया। अटारी बार्डर बंद किया। सिंधु जल समझौता को रोका। ये सारे फैसले भारत सरकार ने अविलंब लिए जो एक सकारात्मक पहल है।
अध्यक्ष निर्वाचित डॉ. अनुराग टंडन ने भी आतंकवादी हमले की कड़ी आलोचना की। कहा कि हम सभी चिकित्सक पीएम मोदी के साथ हैं। कहा कि अब पाकिस्तान से आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है।
इसी क्रम में डॉ. आलोक भारद्वाज ने कहा कि कि जो देश के काम ना आए, वो बेकार जवानी है। अब समय रहते ही इस लड़ाई को भी लड़ लिया जाए। बताया कि आईएमए ने भी अपना एक साथी पहलगाम के आंतकी हमले में खोया है, जिसका हम सभी को खेद है। उनके प्रति हम अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। आक्रोश रैली बनारस शाखा के परिसर से लहुराबीर तक गई फिर वापस आकर समाप्त हुई।
इस अवसर पर पर डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. जेपी सिह, डॉ. अनिल ओहरी, डॉ. प्रभाकर शुक्ला, डॉ. मोगिश अंसारी, डॉ. मधुकर पांडेय, डॉ. डीएम गुप्ता, डॉ. प्रवीण जैन, डॉ. राबिन दुबे, डॉ. आलोक भारद्वाज, डॉ. सीपी सिह, डॉ. विशाल सिंह यादव, डॉ. हेमंत सिह, डॉ. विजय गुप्ता, डॉ. संजय पटेल, डॉ. शालिनी टंडन, डॉ. पीके तिवारी, डॉ. भानु शंकर पांडेय, डॉ. दीपक सिंह, मनोज अग्रवाल आदि लोग रहे।