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पद्म विभूषण छन्नूलाल मिश्र की बेटी की मौत का मामला: ...तो मुख्यमंत्री दोबारा जांच की घोषणा नहीं करते

Wed, 26 May 2021 02:31 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी

सार

 वाराणसी पहुंचे मुख्यमंत्री ने मंगलवार सुबह-सुबह पंडित छन्नूलाल मिश्र और उनकी छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा से सर्किट हाउस में मुलाकात की। इस दौरान सीएम योगी ने  उनकी बेटी की मौत की दोबारा उच्चस्तरीय जांच का भरोसा दिया। अब सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने ये बताया है कि आखिर सीएम को ये फैसला क्यों लेना पड़ा। 
 
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पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल ने की सीएम योगी से मुलाकात - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पद्म विभूषण छन्नूलाल मिश्र की बड़ी बेटी की मौत की दोबारा उच्चस्तरीय जांच होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंडित मिश्र को मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया है।  वहीं इस खबर के सामने आने के बाद सपा के विधान परिषद सदस्य शतरूद्र प्रकाश ने कहा कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पद्म विभूषण छन्नूलाल मिश्र और उनकी पुत्री नम्रता मिश्रा से ना मिला होता तो शायद मुख्यमंत्री दोबारा जांच की घोषणा नहीं करते।

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उन्होंने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि समय की विडंबना है कि इस सरकार के सिस्टम ने काशी की इस महान विभूति को बेचारा बना दिया है। पत्नी की मृत्यु के बाद पुत्री संगीता की मौत के गम में डूबे छन्नूलाल को अब भी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री उनकी बेटी की मौत की पारदर्शी जांच कराएंगे। सपा सिर्फ छन्नूलाल ही नहीं बल्कि उन सभी के साथ है। जो कोविड से दिवंगत हुए हैं।

शतरूद्र प्रकाश ने शासन प्रशासन के स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठाए। पूछा कि 3 मई को नम्रता मिश्रा ने अपनी बहन की मृत्यु के इलाज के बारे में मेडविन अस्पताल में हुई लापरवाही की शिकायत कोतवाली थाने में की। कायदे से तो उनकी इस शिकायत को तत्काल दर्ज होनी चाहिए थी।

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बाकायदा तफ्तीश और पूछताछ की जानी चाहिए। किंतु 22 दिन में अपराध संहिता का पालन न करके प्रशासनिक कार्रवाई का मुंह ताका गया। जो सरासर विधि सम्मत नहीं है। शिव प्रसाद गुप्त अस्पताल के चिकित्सकों ने जो जांच रिपोर्ट बनाई है। उसे जनहित में सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

कोविड से दिवंगत हुए मरीज के परिजनों को यह जानकारी मिलनी चाहिए कि किन मानकों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में कितना खर्च किया। कितनी धनराशि से उन मानकों पर इलाज पर खर्च होना चाहिए था।

सीएम से मिलकर संतुष्ट नजर आए पं. छन्नूलाल मिश्र,

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगभग घंटे भर की मुलाकात के बाद पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र संतुष्ट होकर निकले। मंगलवार को सर्किट हाउस में ऐसे भी क्षण आए, जब स्वत: मुख्यमंत्री भी भावुक हुए और कोरोना महामारी में पत्नी, बेटी को खो देने वाले सुरों के सम्राट छन्नू महाराज की आंखें भी छलछला गईं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, पंडित जी आप देश नहीं दुनिया की धरोहर हैं। आपकी विश्वविख्यात ख्याति से हम सब गर्व महसूस करते हैं। 

पंडित छन्नूलाल मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं फोनकर कुशलक्षेम जाना। हमारे दुख में वह खड़े हैं। अस्पताल प्रबंधन को लेकर मुझे पीड़ा रही। मुख्यमंत्री से कहा कि आप पर मुझे पूर्ण भरोसा है। पंडित मिश्र ने मुख्यमंत्री को मृत्युंजय महादेव के प्रसाद के रूप में इत्र भेंट किया।
 

रिपोर्ट पर उठाए थे सवाल, सीएम से लगाई थी गुहार


जिला प्रशासन ने जांच में अस्पताल को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन परिवार को जांच रिपोर्ट पर भरोसा नहीं था। पंडित मिश्र ने जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह न्याय के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाएंगे। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद पंडित मिश्र की छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने कहा था प्रशासन की जांच रिपोर्ट पर हम लोगों को भरोसा नहीं है। पिताजी तो जांच रिपोर्ट मिलने के बाद से स्तब्ध हैं। एगी। इस मामले में जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा।
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सीएम ने पूछा, अस्पताल में क्यों नहीं है सीसीटीवी

पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र के अनुसार सीएम ने बातचीत के दौरान मौजूद मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से पूछा कि जब आदेश है कि हर कोविड अस्पताल में सीसीटीवी होनी ही चाहिए तो फिर इस अस्पताल में इसकी व्यवस्था क्यों नहीं थी। सीएम ने यह भी कहा कि संगीता मिश्रा की बेटी को पीपीई किट में मरीज के पास ले जाकर भी अस्पताल ने गलती की है।

नम्रता मिश्रा ने पूरे प्रकरण की लिखित जानकारी एक फाइल के रूप में मुख्यमंत्री को सौंपी। इस फाइल में मेडविन अस्पताल के खिलाफ अन्य लोगों की शिकायतों की कॉपी और जिला प्रशासन की ओर से ब्लैक लिस्टेड अस्पतालों की सूची भी संलग्न है। नम्रता मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने करीब बीस मिनट तक फाइल के दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ा। 
 
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