मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि गर्मी का मौसम बच्चों की सेहत के लिहाज से अधिक सतर्कता बरतने वाला होता है। अस्पताल की ओपीडी में भी हर दिन करीब 150 बच्चे आते हैं। इसमें करीब 50 में पेट संबंधी समस्या जांच के बाद मिलती है। अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी जा रही है।
ओपीडी में किया जा रहा जागरूक, गंभीर बच्चों को करना पड़ रहा भर्ती मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सीपी गुप्ता का कहना है कि गर्मी का मौसम बच्चों की सेहत के लिहाज से अधिक सतर्कता बरतने वाला होता है। अस्पताल की ओपीडी (तीन चिकित्सक के पास) में भी हर दिन करीब 150 बच्चे आते हैं। इसमें करीब 50 में पेट संबंधी समस्या जांच के बाद मिलती है।
चिल्ड्रेन वार्ड में जरूरत के हिसाब से बच्चों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। बच्चों को राहत मिलने के बाद सेहत के अनुसार उनको डिस्चार्ज भी किया जाता है। अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह भी दी जा रही है। इसमें शरीर में पानी की कमी न होने, कटा फल न देनें, ताजा फल देने। खाना भी ज्यादा देर का रखा न देने आदि का ध्यान देने को कहा जा रहा है।
भारतीय बाल अकादमी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार राय का कहना है कि गर्मी का मौसम बच्चों की सेहत पर विशेष ध्यान देने वाला होता है। यह ध्यान देने की बात है अगर किसी बच्चे को तीन बार से अधिक लूज मोशन हो या एक बार भी पतला दस्त हो, बुखार हो, पेट में ऐठन हो तो यह डायरिया के लक्षण होते हैं। इस पर बिना किसी देरी के अभिभावकों को तुरंत बच्चे को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। इन दिनों डायरिया जैसे लक्षण बच्चों में अधिक देखने को मिल रहे हें।
यह बरतें सावधानी
- बच्चों को जब दस्त हो तो ओआरएस का घोल देते रहना चाहिए। जिससे शरीर में पानी की कमी न हो।
- अगर दस्त हो रहा हो, छह घंटे से अधिक समय से यूरिन न हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
क्या है डायरिया का लक्षण
- दिन में कई बार पतला दस्त होना
- तीन से चार बार उल्टी होना।
- शरीर में पानी की कमी से आंखों के धंसने जैसा दिखना
- बच्चों का मुंह तेजी से सूखना। पेट दर्द, बुखार