तापमान के उतार-चढ़ाव भरे मौसम में शहर आैर ग्रामीण क्षेत्रों में डायरिया का प्रकोप तेज हो गया है। मंडलीय अस्पतालों में सरकारी अस्पतालों में आैसतन हर दिन दस से पंद्रह नए डायरिया पीड़ित भर्ती कराए जा रहे हैं। बुधवार को शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में डायरिया के 15 नये मरीज भर्ती किए गए। जिन मरीजों का इलाज चल रहा है, उसमें सर्वाधिक आदमपुर, जैतपुरा, चौक और कोनिया के हैं। पीड़ितों की संख्या बढ़ती देख स्वास्थ्य विभाग की ओर से अलग डायरिया वार्ड बनाने के निर्देश दिए जा चुके हैं। शहर में जलभराव, गंदगी के बीच संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
सरकारी अस्पतालों पर मरीजों की सुविधाओं का खयाल नहीं रखा जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर होती है। मंगलवार को जनमित्र न्यास /मानवाधिकार जन निगरानी समिति की ओर से एक होटल में मातृत्व शिशु स्वास्थ्य विषयक कार्यशाला में महिलाओं ने इस तरह की कई समस्याएं उठाई।
समिति के निदेशक डॉ. लेनिन रघुवंशी और श्रुति नागवंशी के देखरेख में हुई कार्यशाला में विभिन्न ब्लॉकों से आईं महिलाओं ने जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव के दौरान धन उगाही, बिना पैसा लिए सुविधाएं मुहैया न कराने, प्राइवेट अस्पतालों में भेजने का दबाव बनाने की शिकायत की। कार्यशाला में मौजूद संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. प्रसन्न कुमार, सीएमओ डॉ. वीबी सिंह और मंडलीय अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों की तत्काल शिकायत करने की बात कही। साथ ही कहा कि सरकार की ओर से सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस दौरान सामाजिक चिंतक शाहीना रिजवी, मो. आरिफ, डॉ. प्रियंका सहित कई लोग मौजूद रहे।