वाराणसी में पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र ने अपनी बेटी संगीता मिश्रा की मौत के मामले में शनिवार को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से बातचीत की। उन्होंने मंडलायुक्त से कहा कि जांच टीम के किसी भी सदस्य ने अभी तक हम लोगों का पक्ष जानने के लिए संपर्क नहीं किया। हमारी बेटी को न्याय नहीं मिला है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण जांच में विलंब हो रहा है। आप निश्चिंत रहें, घर पर आराम करें। जैसे ही कोरोना का कहर कम होगा, जांच में तेजी आएगी। आपकी बेटी को न्याय मिलेगा। निष्पक्ष जांच के साथ ही दोषियों पर कार्रवाई भी होगी। पं. मिश्र ने बताया कि बेटी संगीता मिश्रा की मौत के प्रकरण में जिला प्रशासन की ओर से अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जांच बैठाई गई है। बेटी का निधन हुए लगभग 10 दिन हो गया है।
करीब एक सप्ताह पूर्व जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया था। लेकिन अभी तक टीम के किसी भी सदस्य ने हमारा पक्ष जानने के लिए संपर्क नहीं किया। उधर, कमिश्नर से बात होने के कुछ देर बाद सीएमओ कार्यालय से पंडित छन्नूलाल मिश्रा से फोन पर बात की गई। उनसे कहा गया कि आप अपना पक्ष लिखित रूप में और दर्ज मुकदमे की प्रतिलिपि मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के कार्यालय में सोमवार को जमा करा दें। अब सोमवार को पंडित जी की छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा कागजात जमा करेंगी।
29 अप्रैल की मध्य रात्रि के बाद पंडित छन्नूलाल मिश्रा की बड़ी बेटी संगीता मिश्रा का मैदागिन स्थित मेडविन अस्पताल में कोरोना से निधन हो गया था। उसके स्वजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। स्वजनों ने तीन मई को अस्पताल प्रबंधन से इलाज के दौरान का अनकट सीसीटीवी फुटेज मांगा था। अस्पताल प्रबंधन के आनाकानी करने पर पंडित जी की छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।