अहरौरा (मिर्जापुर)। प्राथमिक विद्यालय सिउर में मध्याह्न भोजन में बच्चों को नमक, रोटी देने के मामले में जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने शुक्रवार को अवकाश होने के बाद भी विद्यालय पहुंचकर जांच की। उन्होंने विद्यालय के रसोई घर, कक्षाओं, लाइब्रेरी और अध्यापक कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान तमाम खामियां मिली। उनके निर्देश पर रसोई घर से आईएसआई मार्का का नमक और तेल न होने पर नमूना लिया गया।
जिलाधिकारी ने खेलकूद के सामान और अभिलेखों का निरीक्षण किया। खेलकूद के सामान का बैग खोलने पर पाया कि वह बच्चों को खेलने के लिए कभी खेल का सामान दिया ही नहीं गया। विद्यालय परिसर की दीवार पर लिखे एमडीएम मेन्यू को भी देखा। इसके बाद बच्चों और अभिभावकों का बयान दर्ज किया गया। इसमें कई माह से बच्चों को नमक-रोटी तो कभी चावल नमक परोसे जाने की पुष्टि हुई।
जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने विद्यालय के अभिलेखों की भी जांच की तो पता चला कि बीएसए प्रवीण तिवारी ने एक बार भी विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया है। एबीएसए बृजेश सिंह ने 10 माह के अंतराल में सिर्फ एक बार जांच की थी। डीसी एमडीएम ने एक बार भी विद्यालय का निरीक्षण नहीं किया। जांच में पता चला कि वर्ष 2018 से विद्यालय की शिक्षिका राधा छुट्टी पर हैैं । मामले में जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की बात कही है। इस दौरान सीडीओ प्रियंका निरंजन, एडीएम वित्त यूपी सिंह, एसडीएम चुनार एसपी सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एडीएम वित्त और एसडीएम सुबह ही पहुंचे
अहरौरा। जिलाधिकारी अनुराग पटेल के आने से पूर्व ही एडीएम वित्त यूपी सिंह और एसडीएम चुनार एसपी सिंह सिउर विद्यालय पर पहुंच गए थे और स्थानीय ग्रामीणों को एकत्रित करना शुरू कर दिया ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। जिलाधिकारी अनुराग पटेल के आने से पूर्व विद्यालय के बच्चों और अभिभावकों को बुला लिया गया था।